ललितपुर

 संगठित भारत समर्थ भारत  : क्षेत्र प्रचार प्रमुख

माताएं अपनी बेटियों को सहेलियां बनाएं ताकि वे लव जिहाद का शिकार न हों : 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर :   बिरधा खण्ड के पाली नगर में विराट हिन्दू सम्मेलन आयोजित हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मंगलवार को पाली नगर  में विराट हिन्दू सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष जी ने हिंदुओं को परिभाषित करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति को बचाने के लिए सकल हिन्दू समाज को मिया-बीबी,वाइफ-हसबेंड व हब्बी और बब्बी की संस्कृति से बाहर निकल कर आना होगा। वही कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  महेश दाश महाराज बछलापुर व ब्रहम्कुमारी प्रियंका वहिन ने  मातृ शक्ति को अपनी बेटियों को सहेलियां बनाने की अपील की ताकि वे लव जिहाद का शिकार न हों।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां भारती की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर व दीप प्रज्वलित कर किया। तो वहीं सरस्वती शिशु मन्दिर पाली की बहनों ने नुक्कड़ नाटक एवं देशभक्ति नृत्य प्रस्तुत किया  नाटक की प्रस्तुति से सभी का मन मोहा।
मुख्य वक्ता क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष जी ने कहा कि कई बार कहा जाता है हिन्दू शब्द तो कहीं मिलता नहीं है। जो हिन्दुस्थात में जन्मा है वह हिन्दू है। हिन्द भूमि की हम संतान गीत भी सुनाया। जब फ्रांस में जन्मा फ्रांसिस और जर्मनी में जन्मा जर्मन कहलाता है इसलिए हिन्दुस्थान में जन्मा हिन्दू है। अटल जी ने कहा कि हमारे लिए भारत सामान्य भूमि का टुकड़ा नहीं है। हम इसकी संतान हैं इसलिए हम हिन्दू हैं। हम हिन्दू पुरखों की संतान हैं। उन्होंने औरंगजेब की क्रूरता और गुरु तेगबहादुर महाराज के त्याग की गाथा को सुनाया। उन्होंने कहा था कि धर्म बचाने के लिए एक नहीं एक लाख बलिदान दिए जा सकते हैं। इसलिए उन्हें हिन्द की चादर कहा जाता है। छोटे बच्चों ने देश को बचाया इसलिए हम हिन्दू हैं। उन्होंने महाराणा प्रताप और छावा फिल्म की कहानी सुनाई। डॉ. हेडगेवार जी गुरु जी और अन्य इस मार्ग पर क्यों चले क्योंकि पुरखों की विरासत के लिए लड़ना सीखो। पंडित दीनदयाल उपाध्याय कहते थे भूख लगना प्रकृति है। छीन कर खाना राक्षसी प्रवृति है और सभी में बांटकर खाना यही सनातन संस्कृति है। भारत के लक्ष्य चार है – धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो,प्राणियों में सद्भावना हो और विश्व का कल्याण हो। सत्य बोलना धर्म,मिलकर रहना धर्म,पड़ोसी के साथ अच्छा व्यवहार करना धर्म है। सभी का सम्मान करना धर्म है। उन्होंने चारों चरणों की विस्तृत व्याख्या करते हुए धर्म और अधर्म को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि श्रीरामचरितमानस में सुमति और कुमति से भी इसका स्पष्टीकरण दिया। जहां संकल्प वहां विकल्प नहीं होता। अटल जी ने कहा- अच्छे कार्य करने के लिए बाधाएं भी आएं तो उन पर पैर रखकर आगे चलना होगा। हमारे तमाम पूर्वजों के जन्मस्थल हमारे पास नहीं है। हमने हिंदुत्व को छोड़ दिया। इसलिए बहुत सारी समस्याओं से घिरे, कई स्थल चले गए। जहां पैदा हुए भगत सिंह वह लाहौर हमारा है। आगे बढ़ने के लिए 5 बातों को ध्यान में रखें। पहला – हम सब समान है, कोई छोटा बड़ा नहीं है। तुलसीदास जी ने कहा सियाराम मय सब जग जानी। कबीर ने कहा कि जो रामहि को सुमिरै सो रामहि कौन निहोरा। हिन्दू के नाम पर 1 अरब 40 करोड़ हिन्दुओं से आप जुड़ जाइए। समरसता भोज कम करिये और समानता भोज करिए। तो कोई चादर वाला या कोई फादर वाला हमारे बीच में नहीं घुस पाएगा। परिवार की भावना में आपस का स्नेह,नारी का सम्मान,बूढ़े सम्मान हैं। परिवार मजबूत होगा तो भारत मजबूत होगा। सनातन में डोली आती थी और अर्थी निकलती है। तलाक सनातन संस्कृति में कभी नहीं हो सकता। सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए पति-पत्नी को मिया बीबी,वाइफ हसबेंड,हब्बी और बब्बी से बाहर निकलना पड़ेगा। हमारे पुरखे स्व के रास्ते पर बढ़े। स्व के 6 आयाम हैं। स्नैक्स के लिए उन्होंने बताया कि इसे खाकर 1 करोड़ लोग मर जाते हैं। हमारी संस्कृति में कहा जाता है- दाल रोटी खाओ प्रभु के गुण गाओ। निज भाषा उन्नति लहैं सब भाषन कों मूल। खान पान,वेशभूषा, स्वदेशी अपनाएं, हमारे चारों ओर के आवरण भी स्वस्थ रहे। पर्यावरण को भी सुरक्षित रखना आवश्यक है। जल को बचाना है, पेड़ लगाना है। सुजलाम सुफलाम मलयज शीतलाम। देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें। शक्ति के लिए भक्ति की आवश्यकता है। उन्होंने स्वामी रामतीर्थ के देश भक्ति के उदाहरण को प्रस्तुत करते हुए बताया कि उन्होंने सारे कपड़े पहने लेकिन टोपी पहनने से मना करते हुए कहा कि इस अंग्रेजियत को सिर पर नहीं रखा जा सकता। यहां केवल भारत ही बिराजता है। आज भारत में लव जिहाद की व मतांतरण जैसी आग लगी है उसे बुझाने की जरूरत है।
अंत में नगर पंचायत के अध्यक्ष मनीष तिवारीने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभाग प्रचार प्रमुख मनोज टाटा,विभाग प्रचारक मनोज, विभाग सम्पर्क प्रमुख अमर सिंह गौर, विभाग शारीरिक शिक्षण प्रमुख अरविन्द सोनी जिला शारीरिक शिक्षण प्रमुख भरत , सुरेश प्रकाश कौते,खण्ड कार्यवाह रामअवतार सिंह, प्राचार्य शिवशरण शुक्ला, शिवराज सिंह ,मुकेश नायक, अजय चौबे, रबि साहु, शिवांश , समिति संयोजक सुनील नामदेव, व्यस्था प्रमुख सुरेन्द्र राय, महेश ताम्रकार, रानू दुबे, पूर्व अध्यक्ष राम चौरसिया ,जय कुमार जैन ,आशीष सुहानी, शैलेन्द्र सेन, हर्ष पटैरिया, राज सेन ,पीयूष ,बाँबी पाण्डे, राजद्वीप राजा ,हेमन्त सोनी, ज्ञानेन्द्र सेंगर ,अमित राय ,नमन बाल्मीकि ,राजीव  उपस्थिति रहे l
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button