नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। इकतीस अगस्त 2016 को झांसी बस डिपो की सरकारी लोहिया बस नम्बर यू.पी.93 ए.टी. 7160 को लेकर बालाबेहट से झांसी ले जाते समय ग्राम बम्हौरीवंशा के निकट दबंगों ने बस को रोका और ड्राईवर व परिचालक से मारपीट करते हुये जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कराया गया था। इस प्रकरण में बस डिपो के परिचालक जिला फतेहपुर के असोथर आकूपुर निवासी अशोक कुमार की तहरीर पर पुलिस ने महेन्द्र यादव व सोनू यादव पुत्रगण कमल सिंह यादव व एक अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 332, 323, 504, 506 व एससी एसटी एक्ट की धारा 3(1)(10) के तहत एफआईआर दर्ज करायी गयी थी। इस प्रकरण में डीजीपी लखनऊ के आदेश, एसपी ललितपुर मो.मुश्ताक के निर्देशन में चलाये जा रहे अपराधियों को अधिक से अधिक सजा दिलाये जाने के अभियान के तहत ग्राम बम्हौरीवंशा निवासी महेन्द्र यादव पुत्र कमल सिंह यादव को सजा दिलायी गयी है। बताया गया है कि थाना बालाबेहट में दर्ज अभियोग में डेडीकेटेड टीम गठित कर वैज्ञानिक व तथ्यपरक साक्ष्यों के आधार पर समयवद्ध व गुणवत्तापूर्ण विवेचना संपादित कर अभियुक्तगण उपरोक्त के विरूद्ध आरोप पत्र माननीय न्यायालय प्रेषित किया गया था। पुलिस अधीक्षक द्वारा उपरोक्त प्रकरण की निरन्तर प्रभावी पैरवी करवायी गयी जिसमें थाना बालाबेहट पुलिस, कोर्ट पैरोकार व अभियोजन पक्ष के द्वारा अथक प्रयास एवं प्रभावी पैरवी करते हुए 02 फरवरी 2026 को न्यायालय एडीजे/एससीएसटी एक्ट महेन्द्र यादव को दोषी पाते हुए 03 वर्ष के कारावास की सजा व 10 हजार रूपये की धनराशि के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।