खैरथल
संभाग स्तरीय सिंधी मातृशक्ति सम्मेलन
सिंध के गौरवशाली इतिहास को युवा पीढ़ी तक पहुंचाये: तीर्थाणी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
खैरथल। भारतीय सिन्धु सभा की ओर से राजस्थान सिन्धी अकादमी के सहयोग से चिकानी में दो दिवसीय संभाग स्तरीय सिन्धी मातृशक्ति सम्मेलन (गुरयाणी, मुख्याणी व नियाणी) का भव्य आयोजन किया गया। उद्घाटन सत्र में सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी (अजमेर) ने कहा कि संगठन की स्थापना 29 मार्च 1979 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आशीर्वाद से सिन्ध के गौरवमयी इतिहास को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने तथा सिन्ध मिलकर अखण्ड भारत की संकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने बताया कि आज मुख्य संगठन के साथ मातृशक्ति व युवा संगठन भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं तथा देश के आठ राज्यों में 790 से अधिक इकाइयां पंचायतों व सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय में कार्य कर रही हैं।
उद्घाटन सत्र का शुभारंभ आराध्य देव झूलेलाल, भारत माता एवं अमर बलिदानी हेमू कालाणी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। पूज्य झूलेलाल मंदिर अलवर के बाबा नारायणदास वासवाणी ने पूजा-अर्चना करवाई। संगठन गीत तेजूमल रामचंदाणी व सुभाष निहालाणी ने प्रस्तुत किया। स्वागत भाषण प्रताप कटारा व अशोक महलवाणी ने दिया, जबकि आभार गोवर्धन जसवाणी ने जताया। सत्र का संचालन संभाग प्रभारी तुलसीदास खानवाणी ने किया।इस सत्र में दीपा बालानी, किरण होतवानी, लाजवंती रामवानी, दिव्या शर्मा, तुलसा वासवानी, जमना जिनसानी, भारती निहालवानी, सिमरन रोघा, मोनिका मदान, निशा बालानी, परमेश्वरी रामचंदानी, पदमा शाही, दीपा रामवानी, लक्ष्मी लालवानी एवं ज्योति अगनानी ने अपने विचार प्रकट किए। सत्र का संचालन नीतू खजनाणी ने किया।



