असम

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का गौरव गोगोई के पाकिस्तान लिंक पर बयान: एनआईए जांच का संकेत। 

 नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

असम : रविवार को असम के लोकसभा भवन में आयोजित एक विशेष संवाददाता सम्मेलन में असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा शर्मा ने सांसद गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोल्बर्न के पाकिस्तान से कथित संबंधों पर बहुत कुछ जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस पूरे मामले की जांच एनआईए जैसी किसी केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जाएगी और केंद्र सरकार निर्णय लेगी। शनिवार की कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने गौरव गोगोई के खिलाफ चरणबद्ध कठोर कार्रवाई का ऐलान किया। मुख्यमंत्री शर्मा ने संवाददाता सम्मेलन में गौरव गोगोई के परिवार की नागरिकता और धर्म पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को राजीव गांधी ने भारतीय नागरिक बनाए रखा, जबकि गौरव गोगोई ने तीन बार सांसद बनने के बाद भी अपने बच्चों को ब्रिटिश नागरिक बनाए रखा। खासकर उनके पुत्र कबीर गोगोई के भारतीय पासपोर्ट में शुरू में धर्म हिंदू अंकित था, लेकिन वर्तमान पासपोर्ट में इसका कोई उल्लेख नहीं है। दूसरी ओर, पुत्री माया गोगोई शुरू से ब्रिटिश नागरिक हैं और उनका धर्म ईसाई बताया गया है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि गोगोई परिवार के चार सदस्यों में से तीन ब्रिटिश नागरिक हैं। गौरव गोगोई के पाकिस्तान दौरे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान में बिताए दस दिनों की प्रतिदिन की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। किसी सांसद का भारतीय युवकों को पाकिस्तानी दूतावास ले जाना अत्यंत आश्चर्यजनक है। उन्होंने संदेह जताया कि शायद गोगोई ने वहां दस दिवसीय प्रशिक्षण लिया हो। पाकिस्तान से लौटने के बाद संसद में भारत की सैन्य तैयारी, न्यूक्लियर पावर प्लांट के स्थान और यूरेनियम खदानों जैसे संवेदनशील मुद्दों पर उनके प्रश्नों पर भी शर्मा ने संदेह व्यक्त किया। इधर, गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोल्बर्न पर भी मुख्यमंत्री ने कई आरोप लगाए। उनके अनुसार, एलिजाबेथ ने पाकिस्तान की एनजीओ लीड पाकिस्तान से भारी लाभ कमाया। लीड पाकिस्तान ने लीड इंडिया को धन दिया, जिससे एलिजाबेथ को फायदा हुआ। 2013 में विवाह के बाद प्राप्त 91 लाख रुपये में से 82 लाख कमीशन थे। शत्रु राष्ट्र से इस तरह धन लेना भारत में निषिद्ध है, फिर भी तत्कालीन यूपीए सरकार ने अनुमति दी। इसके अलावा, एलिजाबेथ ने कई बार अटारी सीमा से पाकिस्तान यात्रा की।मुख्यमंत्री ने एलिजाबेथ की नियुक्ति प्रक्रिया को हास्यास्पद बताया। नियुक्ति के एक साल बाद ही उन्होंने काम शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान के आलिमों से प्रशिक्षण लिया। वे अभी भी ब्रिटिश नागरिकता और ईसाई धर्म नहीं छोड़ चुकीं। टॉम उडाली के अधीन प्रशिक्षण के लिए जॉर्ज सोरॉस से आर्थिक सहायता मिली। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि, इस पूरे मामले ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। उधर सांसद गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की इस कार्रवाई को सुपार फ्लॉप करार देते हुए मुख्यमंत्री द्वारा उनके ऊपर उठाया गया आरोपों को सी ग्रेड चिनेमा का दर्जा दिया।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button