नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना। पुलिस चौकी परिसर में बने शनिदेव मंदिर में हुई चोरी का सात महीने बाद भी खुलासा न होना स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। हैरानी इस बात की है कि चोरी की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में साफ कैद है, फिर भी पुलिस आरोपी तक नहीं पहुंच पाई। चौकी के अंदर बने मंदिर में चोरी होना और उसके बाद लंबा सन्नाटा—लोग इसे सीधे तौर पर पुलिस तंत्र की नाकामी मान रहे हैं।
मामला 20 जुलाई 2025 की दोपहर करीब दो बजे का है। चौसाना चौकी परिसर में स्थित शनिदेव मंदिर, जिसकी देखरेख पंडित कवरपाल शर्मा करते हैं, वहां एक युवक बेखौफ अंदाज में मंदिर में दाखिल हुआ। उसने दानपात्र का ताला तोड़ा और उसमें रखी करीब 50 हजार रुपये की नगदी समेटकर चलता बना। पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में आरोपी का चेहरा और हरकतें स्पष्ट दिखाई देने की बात सामने आई थी।
घटना के तुरंत बाद पंडित कवरपाल शर्मा ने पुलिस को तहरीर दी, जिसके आधार पर अज्ञात चोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। शुरू में कार्रवाई का भरोसा दिया गया, लेकिन वक्त बीतता गया और फाइलों की धूल बढ़ती गई। सात महीने गुजर जाने के बाद भी न तो आरोपी की गिरफ्तारी हुई और न ही पुलिस कोई ठोस सुराग सार्वजनिक कर पाई।
स्थानीय लोगों में इसको लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि जब पुलिस अपने ही चौकी परिसर में बने मंदिर की चोरी का राजफाश नहीं कर पा रही, तो आम आदमी की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। लोगों का तंज है कि सीसीटीवी फुटेज भी अब सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है।
वहीं विवेचना अधिकारी एसआई प्रमोद कुमार का कहना है कि आरोपी की फोटो कई थानों और चौकियों पर भिजवाई गई है। संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है और जांच जारी है। हालांकि अब तक आरोपी की पहचान या गिरफ्तारी को लेकर कोई ठोस प्रगति सामने नहीं आई है। ऐसे में सवाल वही—सीसीटीवी होने के बावजूद आखिर चोर पकड़ से बाहर क्यों है?


