वामदलों ने केन्द्रीय श्रम संगठनों की हड़ताल के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन करके मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।

अयोध्या । वामदलों ने केंद्रीय श्रम संगठनों की अखिल भारतीय हड़ताल के समर्थन में गुरुवार को सड़क पर उतर कर मजदूर – विरोधी चार लेबर कोड वापस लेने, विकसित भारत ग्राम जी कानून को निरस्त कर मनरेगा को बहाल करने व उसे और मजबूत बनाने, गरीबों को उजाड़ने की बुल्डोजर नीति पर रोक लगाने, बिजली सहित सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण रोकने, 200 यूनिट फ्री बिजली देने और किसान व देश विरोधी भारत – अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करने की मांग की।
मार्च निकलने से पूर्व तहसील सदर स्थित तिकोनिया पार्क में हुई सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों के आठ घण्टे काम का अधिकार, संगठित होने, यूनियन बनाने और अपनी लोकतांत्रिक मांगों के लिए हड़ताल करने जैसे ढेरों कानूनी अधिकारों पर ये चार लेबर कोड कुठाराघात करते हैं। मालिकों और उद्योगपतियों को मनमाना करने की छूट देते हैं। पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर लाई गई चारों श्रम संहिताएं दरअसल मजदूरों को फिर से गुलाम बनाने के कानूनी दस्तावेज हैं।
वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा कानून को एक झटके में समाप्त कर विकसित भारत ग्राम जी कानून लाया गया है, जबकि मनरेगा में काम मांगने व पाने का गरीबों को कानूनी अधिकार था। नये कानून में यह केंद्र सरकार की मनमर्जी पर छोड़ दिया गया है। यह कानून साठ दिन काम नहीं देने की गारंटी करता है और सौ के बजाय सवा सौ दिन काम देने का झांसा दिया गया है।
वक्ताओं ने प्रदेश की योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में बुल्डोजर राज के जरिए गरीब उजाड़े जा रहे हैं। आदिवासी, वनवासी जल जंगल जमीन से वंचित किए जा रहे हैं। कई गांव व किसानों पर बेदखली की तलवार लटक रही है और सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बावजूद अल्पसंख्यकों की इबादतगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। अन्त में कचेहरी पहुंच कर पांच सूत्रीय ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।
इस अवसर पर भाकपा जिला सचिव अशोक कुमार तिवारी, भाकपा (माले) जिला प्रभारी अतीक अहमद, माकपा जिला सचिव अशोक यादव, फारवर्ड ब्लाक संयोजक हरिश्चंद्र श्रीवास्तव, माले राज्य कमेटी सदस्य राम भरोस, भाकपा के वरिष्ठ नेता राम तीर्थ पाठक, सूर्यकांत पांडेय, संयुक्त किसान मोर्चा संयोजक मया राम वर्मा, भाकियू नेता कमला प्रसाद बागी, माकपा नेता मया राम वर्मा, उमाकांत विश्वकर्मा, रामजी राम यादव, राजेश वर्मा, विनोद सिंह, माता बदल, सुनीता गौड़, अजय शर्मा चंचल, उदयचंद यादव, ओमप्रकाश यादव, मोहम्मद इश्हाक, बाबूराम यादव, राम सिंह, घनश्याम यादव, आशीष कुमार, बद्री प्रसाद यादव, मोहम्मद मुजीब, कृष्ण कुमार मौर्य, दुर्गेश उपाध्याय, राम प्रसाद, रीता देवी, राम शब्द गौड़, लक्ष्मन, रामदास, हस्मत अली, विजय यादव, विद्या, आशा सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।



