शामली
कृष्ण-सुदामा प्रसंग से भावुक हुए श्रद्धालु, झांकी के साथ कथा का हुआ समापन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना। खोडसमा गांव में मंगलवार को श्रीमद्भागवत कथा का समापन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में हुआ। अंतिम दिन कृष्ण-सुदामा प्रसंग का वाचन किया गया तथा इसके उपरांत आकर्षक झांकी निकाली गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास क्षेत्र के श्रद्धालु मौजूद रहे। कथा व्यास आचार्य संजीव कुमार महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि सच्चे संबंध धन-वैभव से नहीं, बल्कि प्रेम और विश्वास से बनते हैं। उन्होंने कहा कि सुदामा की निर्धनता और श्रीकृष्ण की करुणा यह संदेश देती है कि भगवान अपने भक्त के भाव को देखते हैं, न कि उसके बाहरी रूप को। जैसे ही सुदामा मिलन का प्रसंग आया, कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और पांडाल में शांति छा गई।कथा के बाद गांव में कृष्ण-सुदामा की झांकी निकाली गई। झांकी के साथ श्रद्धालु भजन गाते हुए चले और मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई। महिलाएं मंगलगीत गाती रहीं और बच्चे भी उत्साह के साथ झांकी के पीछे चलते नजर आए। जय श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण देर तक गूंजता रहा।
कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने प्रभु स्मरण कर सुख-शांति की कामना की। आयोजकों ने बताया कि बुधवार सुबह भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। समापन के साथ ही पूरे गांव में आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा और लोगों ने इसे धार्मिक उत्सव के रूप में मनाया इस दौरान विनोद प्रधान, मोहित काला माजरा, हरविंदर,यशवीर, आदि मौजूद रहे।


