नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे Instagram, Facebook और YouTube पर “रील” और “शॉर्ट वीडियो” बनाने की होड़ मची हुई है। कुछ सेकंड की प्रसिद्धि पाने के लिए देश के कई युवा अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। खतरनाक स्टंट, तेज रफ्तार बाइकिंग, चलती ट्रेन के सामने वीडियो बनाना और अश्लील या भड़काऊ कंटेंट पोस्ट करना अब आम होता जा रहा है।
खतरनाक स्टंट: लाइक्स के लिए जान से खिलवाड़
कई मामलों में देखा गया है कि बच्चे और किशोर रेलवे ट्रैक, हाईवे, छतों और ऊँची इमारतों पर वीडियो बनाते हैं।
– बिना हेलमेट के बाइक स्टंट
– चलती ट्रेन के सामने पोज़
– पानी की टंकी या ऊँची इमारत से लटककर वीडियो
ऐसे स्टंट न केवल कानूनन अपराध हैं बल्कि जानलेवा भी हैं। कई परिवार अपने बच्चों को सिर्फ एक “रील” के कारण खो चुके हैं।
अश्लील और भ्रामक कंटेंट का दुष्प्रभाव
रील के नाम पर बढ़ती अश्लीलता भी चिंता का विषय है। कम उम्र के बच्चे ऐसे वीडियो देख रहे हैं जिनमें भड़काऊ डांस, आपत्तिजनक हाव-भाव और अनुचित संवाद होते हैं। इसका सीधा असर उनकी मानसिकता, व्यवहार और पढ़ाई पर पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
कम उम्र में गलत सामग्री देखने से मानसिक असंतुलन बढ़ सकता है
पढ़ाई से ध्यान भटकता है
वास्तविक जीवन में गलत प्रयोग करने की प्रवृत्ति पैदा हो सकती है
महिलाओं के प्रति गलत सोच विकसित हो सकती है
अभिभावकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण
आज जरूरत है कि माता-पिता अपने बच्चों के मोबाइल उपयोग पर नजर रखें।
बच्चों को बिना निगरानी स्मार्टफोन न दें
स्क्रीन टाइम तय करें
सोशल मीडिया अकाउंट की मॉनिटरिंग करें
समझाइश के साथ डिजिटल अनुशासन सिखाएं
सिर्फ डांटना या मोबाइल छीन लेना समाधान नहीं है, बल्कि संवाद और जागरूकता जरूरी है।
प्रशासन और प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी
सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों को भी सख्त कदम उठाने होंगे।
खतरनाक स्टंट वीडियो तुरंत हटाए जाएं
अश्लील कंटेंट पर कड़ी निगरानी हो
कम उम्र के यूजर्स के लिए सख्त वेरिफिकेशन सिस्टम हो
स्कूल स्तर पर डिजिटल साक्षरता अभियान चलाया जाए
शिक्षा और जागरूकता ही समाधान
स्कूलों और कॉलेजों में “डिजिटल एथिक्स” और “ऑनलाइन सुरक्षा” पर विशेष कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए। युवाओं को यह समझाना होगा कि असली सफलता मेहनत, शिक्षा और प्रतिभा से मिलती है, न कि कुछ सेकंड की वायरल वीडियो से।
समय रहते रोक जरूरी
अगर आज खतरनाक स्टंट और अश्लील रीलों पर रोक नहीं लगी तो आने वाली पीढ़ी के संस्कार, मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। समाज, परिवार, प्रशासन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म—सभी को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।
लाइक्स और फॉलोअर्स से बड़ी है जिंदगी।
रील नहीं, रियल लाइफ को महत्व दें।



