गोड्डा

महागामा में मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सशक्त करने की पहल

सेविकाओं-सहियाओं का एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो 
महागामा। महागामा प्रखंड में बाल विकास परियोजना अंतर्गत सेक्टर 1, 2 एवं 3 की सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं एवं सहिया साथियों के लिए संयुक्त गृह भ्रमण विषय पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण एकजुट संस्था के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य गांव स्तर पर स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाना था कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रभारी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सोनाराम हांसदा ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना और कुपोषण मुक्त समाज का निर्माण करना है। इसके लिए जमीनी स्तर पर सेविका और सहिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण के दौरान विस्तारपूर्वक बताया गया कि गांव स्तर पर गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं तथा 7 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों के घर संयुक्त रूप से कब और कैसे भ्रमण करना है। सहिया और सेविका को यह निर्देश दिया गया कि वे अलग-अलग नहीं, बल्कि एक साथ मिलकर गृह भ्रमण करें, ताकि परिवार को एक ही समय पर स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण, स्तनपान, पूरक आहार और स्वच्छता से संबंधित समुचित परामर्श दिया जा सके। प्रशिक्षकों ने समझाया कि संयुक्त गृह भ्रमण से सेवाओं में दोहराव कम होगा, समन्वय बढ़ेगा और परिवारों में भरोसा मजबूत होगा। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, एनीमिया की पहचान, धात्री माताओं को संतुलित आहार की सलाह तथा छोटे बच्चों के वजन और विकास की निगरानी जैसे बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में एकजुट संस्था के जिला समन्वयक सरफराज अली, महिला पर्यवेक्षिका अनीता हेम्ब्रम तथा यूनिसेफ की प्रतिनिधि टीनम कुमारी भी उपस्थित रहीं। सभी ने संयुक्त प्रयास की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सामुदायिक स्तर पर बेहतर समन्वय से ही स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति में वास्तविक सुधार संभव है।कार्यक्रम को सफल बनाने में एकजुट संस्था के शमशाद, बिस्वेश्वर, इकरामूल, सुशीला, शांति, सलोमी एवं प्रियंका ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशिक्षण के अंत में सभी सेविकाओं और सहियाओं ने संकल्प लिया कि वे सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए नियमित संयुक्त गृह भ्रमण करेंगी और प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक सही परामर्श एवं सेवाएं पहुंचाएंगी। महागामा प्रखंड में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में गांवों में स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा रही है।
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