ललितपुर

इमरजेंसी में ग्राम प्रधान की दबंगई

डॉक्टर का हाथ तोड़ा, कपड़े फाड़े-ग्राम प्रधान समेत तीन पर मुकदमा

जिला अस्पताल में शराब के नशे में हंगामा, इलाज ठप
सरकारी काम में बाधा के आरोप
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बीती दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब शराब के नशे में पहुंचे मरीजों ने डॉक्टर और स्टाफ पर कथित तौर पर हमला बोल दिया। आरोप है कि मारपीट में डॉक्टर का हाथ फ्रैक्चर हो गया, कपड़े फाड़ दिए गए और जान से मारने की धमकी तक दे डाली गई। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और इलाज व्यवस्था कुछ समय के लिए प्रभावित हो गई।कोतवाली पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार, इमरजेंसी विभाग में तैनात डा.राजीव कुमार ने शिकायत में बताया कि 23 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 3.15 बजे वह ड्यूटी पर मौजूद थे। तभी घायल अवस्था में शिवा कौशिक निवासी मनगुवा और मुकेश राजपूत निवासी ननौरा इलाज के लिए पहुंचे। डॉक्टर का आरोप है कि दोनों ने अत्यधिक शराब पी रखी थी।तहरीर के मुताबिक, स्टाफ द्वारा उपचार शुरू किए जाने के बाद दोनों ने अचानक इलाज से इनकार कर दिया और डॉक्टर व वार्ड बॉय के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ने कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी।डॉक्टर ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने ग्राम प्रधान कुआतला विजय राजपूत को बुलाया, जिसके मौके पर पहुंचते ही स्थिति और बिगड़ गई। तीनों ने मिलकर डॉक्टर के साथ हाथापाई की, उनके कपड़े फाड़ दिए और चश्मा तोड़ दिया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि ग्राम प्रधान ने डॉक्टर की गर्दन पकड़कर जान से मारने की धमकी दी।हमले के समय इमरजेंसी में अन्य मरीज भी मौजूद थे, जिससे उपचार कार्य बाधित हुआ और अस्पताल परिसर में हड़कम्प मच गया। डॉक्टर के अनुसार, इस मारपीट में उनके दाहिने हाथ में फ्रैक्चर सहित गंभीर चोटें आई हैं, जबकि स्टाफ के साथ भी अभद्रता की गई।मामले को गंभीर मानते हुए कोतवाली ललितपुर पुलिस ने डा. राजीव कुमार की तहरीर पर शिवा कौशिक, मुकेश राजपूत और ग्राम प्रधान विजय राजपूत के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 132, 121(1), 352, 115(2), 324(2) और 351(3) में मुकदमा दर्ज कर लिया है। विवेचना उपनिरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई है।पुलिस का कहना है कि आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी सहित आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, घटना के बाद अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों में भारी आक्रोश है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की मांग उठने लगी है।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button