
मॉस्को । रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त होने पर बधाई दी है। क्रेमलिन ने बताया कि पुतिन ने विश्वास जताया कि मोजतबा अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते रहेंगे।
पश्चिम एशिया में ईरान और इस्राइल-अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष को 10 दिन हो गए हैं। यह तनाव हर दिन के साथ और गहराता जा रहा है। इस संकट के बीच ईरान में एक बड़ा बदलाव हुआ है। पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मोजतबा खामेनेई को बधाई दी है।
रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने बताया कि पुतिन ने खामेनेई के नेतृत्व पर पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने ईरान को रूस के अटूट समर्थन का आश्वासन भी दिया है। पुतिन ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि मोजतबा खामेनेई अपने पिता की विरासत को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इससे दोनों देशों के रिश्ते और भी मजबूत होंगे। पुतिन ने ईरान को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में रूस तेहरान के साथ मजबूती से खड़ा है।
इस्राइली सेना का मोजतबा को लेकर बड़ा दावा-इस बीच, इस्राइली सेना ने एक बड़ा दावा किया है। इस्राइली सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई हाल ही में हुए एक हवाई हमले में बुरी तरह घायल हो गए थे। हालांकि, इस्राइली सेना ने यह भी माना है कि मोजतबा अभी जिंदा हैं। इससे पहले ईरानी विपक्षी चैनल ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया था कि मोजतबा को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुन लिया गया है। वहीं, न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के वरिष्ठ धर्मगुरु मोजतबा को तुरंत नेता घोषित करने में झिझक रहे थे। उन्हें डर था कि ऐसा करने पर अमेरिका और इस्राइल उन्हें सीधे निशाना बना सकते हैं।
कैसे शुरू हुआ था यह संघर्ष-यह संघर्ष 10 दिन पहले तब शुरू हुआ था जब अमेरिका और इस्राइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था। 28 फरवरी को हुए इन हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। उनकी मौत के बाद से ही पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान तब से लगातार इस्राइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन से हमले कर रहा है। दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी हैं, जिससे पूरे इलाके में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।



