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योगी बोले- पहले यूपी में नौकरी नहीं थीं

आती भी तो चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली पर जुट जाती

लखनऊ । विश्व युवा कौशल दिवस पर सीएम योगी ने कौशल सारथी और कौशल सेतु मॉड्यूल भी लॉन्च और कौशलम पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान विभिन्न प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के साथ एमओयू भी हुए।
विश्व युवा कौशल दिवस-2026 पर बुधवार को व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग द्वारा राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कौशल सारथी और कौशल सेतु मॉड्यूल भी लॉन्च और कौशलम पुस्तिका का विमोचन किया। विभिन्न प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के साथ एमओयू भी हुए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री उच्च वेतन पर नियुक्ति पाने वाले व उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 21 युवा आइकॉन को सम्मानित भी किया। साथ ही श्रेष्ठ कार्य करने वाले राजकीय आईटीआई, प्रशिक्षण प्रदाताओं और प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन एजेंसियों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया।
स्किल आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का माध्यम
इस मौके पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि पूरी दुनिया के लिए यूपी और सीएम का काम मॉडल है। यूपी में निवेश बढ़ा है, इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ा है। यहां प्रशिक्षण पाने वाले युवाओं का आज सम्मान होगा। अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी। स्वावलंबन प्राप्त करें। पीएम मोदी ऊर्जा और आतंकवाद के विरोध की बात करते हैं। साथ ही युवाओं को स्वावलंबन देने की बात जरूर करते हैं। यह आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया के तहत इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप स्किल मैन पावर दे रहे हैं। 20 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। 10 हजार को जॉब दिलाई। सीएम योगी ने स्किल के लिए 3300 करोड़ का बजट किया है। टाटा ग्रुप के साथ एमओयू हुआ है। नई तकनीकी के साथ युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य होने के नाते इस बात की खुशी होती है कि सबसे ज्यादा युवा फोर्स हमारे पास है। इस स्केल को स्किलिंग से जोड़कर हम यूपी को आगे बढ़ा रहे हैं। आज जो युवा हैं वो 2017 से पहले आप सब बच्चे थे। उस समय माता-पिता अपने बच्चों को किसी भी अपशगुन से बचाते हैं। लेकिन, उस समय की सरकार ही सबसे बड़ी अपशगुन थी। न स्किल थी, न स्कूली शिक्षा। सब नदारत थे।
सीएम ने कहा कि 2017 से पहले न बेटी सुरक्षित थी, न व्यापारी सुरक्षित था। युवाओं के आगे पहचान का संकट था। कोई बच्चा किसी तरह पढ़ाई कर लेता था तो यूपी में नौकरी नहीं थी। सरकारी नौकरी निकली भी तो चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली पर जुट जाती थी। कोर्ट को स्टे देना पड़ता था। प्रकृति और परमात्मा की असीम कृपा वाला यह प्रदेश धीरे धीरे बीमारू बनता गया।
युवाओं को घर पर नौकरी मिली, सरकार को जीएसटी मिल रही-उन्होंने कहा कि कोरोना काल खंड में जब ऊफऊड का सेंटर लखनऊ में बनना था, तो काफी कंपटीशन था। लेकिन हमने प्रयास करके इसे यहां पर लगाया। हमने कहा कि जब यह लग जाए तो यूपी के युवाओं को नौकरी दी जाए। आज 500 से ज्यादा युवाओं को घर पर ही नौकरी मिल गई। आज जब ऊफऊड का सामान बिकता है तो राज्य सरकार को जीएसटी भी मिलती है। यानी आम तो आम गुठली के दाम हो गए। युवाओं को घर पर नौकरी भी मिल गई और सरकार को भी पैसा मिल रहा है।
सीएम ने आगे कहा कि जो आज बड़े उद्यमी हैं, उन्होंने एक समय में नौजवान के रूप में स्टार्टअप से ही शुरू किया। निर्णय लेने की क्षमता विकसित की। आज दुनिया के सामने बड़े उद्यमी के रूप में हमारे सामने हैं। हर जिले में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर स्किलिंग सेंटर विकसित किया जाएगा। इसके लिए हमने पैसा दे रखा है। यदि कोई विदेश में जाकर काम करना चाहता है तो उसकी भी व्यवस्था हम करेंगे। हमने जो यूपी के 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का लक्ष्य रखा है, युवाओं के दम पर हम इसे प्राप्त करेंगे।

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