
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली । उत्तर प्रदेश सरकार ने आलू उत्पादक किसानों के लिए भंडारण, भाव स्थिरता और बीज पर अनुदान की तीन योजनाएं लागू की हैं। बरेली मंडल में अब तक 4324 किसानों ने आवेदन किया है, जिसमें 782 किसानों को 61.92 लाख रुपये का अनुदान डीबीटी से भेजा जा चुका है। उप निदेशक उद्यान बरेली मंडल धर्मपाल यादव ने बताया कि किसान potato.uphorticulture.in पोर्टल पर, सीएससी सेंटर, संबंधित शीतगृह या जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।
1. शीतगृह भंडारण प्रभार पर अनुदान: किसानों को अधिकतम 20 हजार रुपये तक अनुदान देय होगा। आधार कार्ड, भूलेख, शीतगृह की आमद रसीद/तकपट्टी, निकासी रसीद व गेट पास अपलोड करना होगा। 2. भामाशाह भाव स्थिरता कोष: योजना 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक आलू बिक्री पर लागू है। शासन द्वारा निर्धारित 700 रुपये प्रति कुंतल पर अधिकतम 25 प्रतिशत या बिक्री दर के अंतर की राशि, जो भी कम हो, देय होगी। एक किसान को अधिकतम 240 कुंतल तक लाभ मिलेगा। आधार, बैंक पासबुक, खसरा-खतौनी और व्यापारी का बिक्री प्रमाण पत्र जरूरी है। 3. गुणवत्तायुक्त बीज पर अनुदान: कुफरी चिपसोना-1, चिपसोना-3, सूर्या, मोहन, आनंद आदि प्रजातियों के बीज पर 1000 रुपये प्रति कुंतल अनुदान मिलेगा।
उन्होंने बताया कि 823 आवेदन दस्तावेज अपूर्ण होने के कारण लंबित हैं। किसानों से अपील की गई है कि सही दस्तावेज अपलोड कर योजना का लाभ लें।



