सिंगरौली
सिंगरौली भाजयुमो: ‘रिमोट कंट्रोल’ वाली नेत्री बनाम ‘जमीनी सिपाही’, क्या पैराशूट दखल से छिड़ेगा गृहयुद्ध?

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला अध्यक्ष पद के लिए मची सियासी खींचतान अब एक बेहद दिलचस्प और विवादित मोड़ पर आ खड़ी हुई है। एक ओर संगठन के ‘तपे हुए’ जमीनी कार्यकर्ता अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सूत्रों का दावा है कि जिले की एक ‘रिमोट कंट्रोल नेत्री’ अपना वीटो पावर चलाकर इन कर्मठ चेहरों के सपनों पर पानी फेरने की फिराक में हैं।
जमीनी योद्धाओं की लंबी फेहरिस्त, फिर भी संकट!
संगठन के अंदर जिन नामों पर गंभीरता से मंथन जारी है, उनमें लाल बाबू वैश्य, हेमंत पाण्डेय, प्रभांशु सराफ,, विनीत द्विवेदी और संजय दुबे अशोक शाह , धर्म वर्मा, जैसे नाम प्रमुख हैं। ये वे चेहरे हैं जिन्होंने वर्षों तक धूप और धूल में संगठन का झंडा बुलंद किया और भाजपा जिला अध्यक्ष सुंदरलाल शाह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पार्टी की नींव मजबूत की। लेकिन, चर्चा तेज है कि ये सभी नाम उस ‘अदृश्य शक्ति’ को रास नहीं आ रहे हैं जो पर्दे के पीछे से जिले की सत्ता चलाना चाहती है।
‘रिमोट कंट्रोल’ नेत्री की पसंद या पैराशूट की लैंडिंग?
सूत्रों का बड़ा दावा है कि जिले की एक कद्दावर महिला नेत्री, जिन्हें ‘रिमोट कंट्रोल’ के नाम से सियासत में जाना जा रहा है, इन जमीनी कार्यकर्ताओं को किनारे कर अपने किसी ‘खास’ या ‘पैराशूट’ चेहरे को थोपने की तैयारी में हैं। सवाल यह उठता है कि क्या सिंगरौली युवा मोर्चा का नेतृत्व दिल्ली या भोपाल के इशारे के बजाय अब एक ‘लोकल रिमोट कंट्रोल’ तय करेगा? क्या पसीना बहाने वाले कार्यकर्ताओं की फाइल महज इसलिए बंद कर दी जाएगी क्योंकि वे किसी खास गुट की ‘जी-हुजूरी’ नहीं करते?
संगठन की साख और कार्यकर्ताओं का स्वाभिमान
संगठन नेतृत्व के सामने अब सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा है। एक तरफ बरसों की निष्ठा और जमीनी संघर्ष है, तो दूसरी तरफ रिमोट कंट्रोल नेत्री का भारी दखल। यदि किसी ‘पैराशूट’ चेहरे को तवज्जो दी गई, तो तय मानिए कि सिंगरौली भाजपा के भीतर निष्ठावान कार्यकर्ताओं का लावा फूट सकता है।
अब देखना यह होगा कि संगठन के शीर्ष नेता अपनी स्वतंत्र सोच से फैसला लेंगे या ‘रिमोट कंट्रोल’ के दबाव में आकर किसी नौसिखिए के हाथ में कमान सौंप देंगे। सिंगरौली की जनता और भाजपा कार्यकर्ता इस फैसले का बेसब्री और गुस्से के साथ इंतजार कर रहे हैं।



