डुंडा विकास खंड में टेडर प्रक्रिया का किया प्रधानों नें विरोध।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
उत्तरकाशी। डुंडा विकासखंड में प्रस्तावित 2 मई की बैठक से पहले ही टेंडर प्रक्रिया को लेकर ग्राम प्रधानों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को प्रधान संगठन डुंडा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों ने भाग लेते हुए विकासखंड स्तर पर लागू की जा रही टेंडर व्यवस्था का खुलकर विरोध किया।
बैठक की अध्यक्षता प्रधान संगठन के अध्यक्ष विनोद पडियार ने की, जबकि संचालन महामंत्री जितेन्द्र पोखरियाल द्वारा किया गया। चर्चा के बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए 2 मई को प्रस्तावित बैठक के बहिष्कार का निर्णय लिया गया।
प्रधानों का कहना है कि पूरे विकासखंड के लिए एक ही ठेकेदार का चयन व्यवहारिक नहीं है। डुंडा ब्लॉक की भौगोलिक स्थिति अत्यंत जटिल है और यहां 100 से अधिक गांव दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित हैं। ऐसे में एक ही ठेकेदार द्वारा सभी स्थानों तक सामग्री पहुंचाना न केवल चुनौतीपूर्ण होगा, बल्कि इससे लागत भी बढ़ेगी और कार्य प्रभावित हो सकता है।
प्रधानों ने यह भी आशंका जताई कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता के नाम पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की संभावना बनी रह सकती है। उनका स्पष्ट मत है कि पूर्व की भांति क्षेत्रवार वेंडर प्रणाली को ही लागू रखा जाना चाहिए, जिससे स्थानीय स्तर पर कार्य सुचारु रूप से हो सके।
बैठक के उपरांत लगभग 70 ग्राम प्रधानों ने सामूहिक हस्ताक्षर कर खंड विकास अधिकारी (BDO) के नाम ज्ञापन सौंपते हुए टेंडर प्रक्रिया पर पुनर्विचार की मांग की।
आंदोलन की चेतावनी:
प्रधान संगठन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे।


