नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दलों का महिलाओं प्रति दृष्टिकोण का प्रदर्शन

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
उत्तरकाशी : डॉ० सुश्री स्वराज विद्वान, प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी पूर्व सदस्य राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग भारत सरकार द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे ऐतिहासिक एवं महिला सशक्तिकरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयक को लेकर कांग्रेस पार्टी एवं उसके सहयोगी दलों की नकारात्मक, गैर-जिम्मेदाराना एवं विरोधात्मक भूमिका पर गहरा दुख प्रकट करती हूं।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी—मातृशक्ति—को सशक्त बनाने का एक सशक्त माध्यम है। यह अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक एवं निर्णयात्मक प्रक्रियाओं में समान भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इसके माध्यम से महिलाओं को नेतृत्व के अवसर प्राप्त होते, जिससे देश के समग्र विकास को नई गति मिलती।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने लगभग 4 दसकों से भी लंबित 33%महिला आरक्षण विल को मंजूरी देकर उसे 2029 से लोक सभा एवं विधानसभा में लागू करने के लिए लोकसभा में 16 एवं 17अप्रैल को 131वां संविधान संशोधन विल लाया गया । परन्तु कांग्रेस पार्टी एवं उसके सहयोगी दलों द्वारा इस विल के विरोध में मतदान कर इस को रोका गया जो कि देश की सभी महिलाओं के लिए एक अभिशाप बना जहां संसद में और विधानसभा में सभी देश की महिलाएं 33%महिला आरक्षण को लेकर उत्साहित थी। वहीं कांग्रेस पार्टी एवं उनके सहयोगी दलों ने इन के सपनों पर पानी फेर दिया।इस विल के गिरने से महिलाओं में बहुत निराशा है और कांग्रेस पार्टी के प्रति भारी आक्रोश है
यह भी स्पष्ट है कि कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दल वर्षों से महिला अधिकारों की बात तो करते रहे हैं, किन्तु जब वास्तविक निर्णय लेने का समय आता है, तब वे पीछे हट जाते हैं। यह दोहरी मानसिकता देश की जनता, विशेषकर महिलाओं के साथ विश्वासघात के समान है।
भारतीय जनता पार्टी सदैव “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूल मंत्र पर चलते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध रही है। हमारी सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए अनेक योजनाएं एवं नीतियां लागू की हैं, जिनका लाभ देश की करोड़ों महिलाओं को मिला है।
आज की इस प्रेस वार्ता के माध्यम से मैं प्रदेश की समस्त माताओं, बहनों एवं बेटियों से यह अपील करती हूं कि वे इस विषय को गंभीरता से लें और उन राजनीतिक दलों को पहचानें जो केवल दिखावे की राजनीति करते हैं। साथ ही, हम सभी को मिलकर ऐसे प्रयासों का विरोध करना चाहिए जो महिलाओं के अधिकारों और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं।
भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी और किसी भी प्रकार के विरोध के बावजूद ऐसे ऐतिहासिक कदमों को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा संकल्पित रहेगी ।


