बाराबंकी
रफी अहमद किदवई मेमोरियल जिला अस्पताल में अग्नि सुरक्षा एवं बचाव को लेकर विशेष जागरूकता अभियान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
यह अभियान अग्निशमन विभाग के द्वितीय अधिकारी राहुल कुमार के नेतृत्व में आयोजित किया गया
बाराबंकी : प्राप्त जानकारी के अनुसार आपको बता दें जिसमें अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, इंटर्नशिप कर रहे छात्र-छात्राओं और अन्य कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बचाव के महत्वपूर्ण तरीके सिखाए गए।
हाल ही में जनपद के कई इलाकों में आगजनी की घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन और अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी के तहत विभिन्न संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को आग से बचाव और आपातकालीन स्थिति में सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
अभियान के दौरान फायर ब्रिगेड टीम ने अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत सही अग्निशामक यंत्र का उपयोग करने की जानकारी दी। टीम ने “कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) सिलेंडर” और “ड्राई केमिकल पाउडर (DCP) सिलेंडर” के इस्तेमाल का लाइव प्रदर्शन भी किया। अधिकारियों ने बताया कि CO₂ सिलेंडर इलेक्ट्रिक उपकरणों और वायरिंग में लगी आग बुझाने में बेहद प्रभावी होता है, जबकि DCP सिलेंडर सामान्य आग, गैस रिसाव और तेल से लगी आग पर उपयोगी माना जाता है।
फायर ब्रिगेड टीम ने अस्पताल के बच्चों के वार्ड, ट्रॉमा सेंटर, इमरजेंसी यूनिट और अन्य संवेदनशील स्थानों में आग लगने की स्थिति में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने, ऑक्सीजन सिलेंडरों को सुरक्षित रखने और प्राथमिक बचाव कार्यों का अभ्यास भी कराया। कर्मचारियों को यह भी बताया गया कि आग लगने पर सबसे पहले बिजली सप्लाई बंद करना, अलार्म बजाना और तुरंत फायर कंट्रोल रूम को सूचना देना जरूरी होता है।
इस अवसर पर फायरमैन मोहम्मद कुमेल, रोहित सिंह, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. बी. पी. सिंह सहित नर्सिंग स्टाफ, इंटर्नशिप छात्र-छात्राएं और अस्पताल के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने कहा कि अस्पतालों में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम बेहद आवश्यक हैं, क्योंकि आपातकालीन परिस्थितियों में सही जानकारी और समय पर लिया गया निर्णय कई जिंदगियां बचा सकता है। वहीं मौजूद छात्रों और नर्सिंग स्टाफ ने भी कहा कि इस प्रकार की ट्रेनिंग से आत्मविश्वास बढ़ता है और भविष्य में किसी भी हादसे से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद मिलती है।



