जालौन
अभिभावक बेटियों की शिक्षा निरंतर जारी रखने में न बरते लापरवाही
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के तहत मेधावी बेटियों का सम्मान

प्रतिभाशाली छात्राओं के खातों में 5-5 हजार की प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित
जिला पंचायत अध्यक्ष, डीएम ने प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
उरई (जालौन)। महिलाओं एवं बेटियों के सशक्तिकरण, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित ‘‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’’ योजना के अंतर्गत शैक्षिक सत्र 2025-26 में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया गया। आयोजित सम्मान समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी एवं जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मेधावी छात्राओं के उत्साहवर्धन के लिए प्रत्येक छात्रा के बैंक खाते में 5,000 की प्रोत्साहन राशि भी हस्तांतरित किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। समारोह में छात्राओं के साथ उनके अभिभावक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्हें उचित अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और परिवार का सहयोग मिले तो वे समाज और देश का गौरव बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का जनआंदोलन है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों की शिक्षा किसी भी परिस्थिति में बाधित न होने दें, उन्हें निरंतर प्रोत्साहित करें तथा उनके सपनों को साकार करने में हर संभव सहयोग दें। उन्होंने कहा कि आज सम्मानित हुई छात्राएं अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और उनका उत्कृष्ट प्रदर्शन पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अभिभावकों एवं अन्य लोगों को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्यों, बालिका शिक्षा, सुरक्षा, संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई। समारोह का उद्देश्य बेटियों के उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन को सम्मानित करने के साथ-साथ समाज में बालिका शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना रहा।



