जालौन
गधेला गौशाला गुजरात के कच्छ माॅडल के अनुरूप करेंगे विकसितःदुबे
गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में करेंगे कार्यःबीडीओ

गोबर से जैविक खाद तैयार कर उपयोगी गतिविधियों को बढ़ावा देंगे
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
जालौन (उरई)। ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम गधेला स्थित गोशाला को गुजरात के कच्छ मॉडल के अनुरूप विकसित करने की योजना है। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो इसे चरणबद्ध तरीके से ब्लॉक की अन्य गोशालाओं में भी लागू कराया जाएगा। यह बात नवागंतुक बीडीओ प्रशांत दुबे ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान कही।
पत्रकारों से बातचीत में बीडीओ प्रशांत दुबे ने कहा कि कच्छ मॉडल की गोशालाएं केवल निराश्रित गोवंश के संरक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य किया जाता है। वहां गोवंश के लिए स्वच्छ एवं हवादार शेड, पर्याप्त चारा और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था रहती है। पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी, समय-समय पर पशु चिकित्सा सुविधाएं, गोबर एवं गोमूत्र का वैज्ञानिक उपयोग, जैविक खाद और अन्य उत्पादों का निर्माण और स्थानीय लोगों की सहभागिता इस मॉडल की प्रमुख विशेषताएं हैं। इससे गोशालाओं का बेहतर संचालन होने के साथ उनकी आय के स्रोत भी विकसित होते हैं। गधेला गांव की गोशाला में भी चरणबद्ध तरीके से इन व्यवस्थाओं को लागू करने का प्रयास किया जाएगा। गोवंश के लिए बेहतर देखभाल, साफ-सफाई, पौष्टिक चारे की उपलब्धता और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही गोबर से जैविक खाद तैयार करने और अन्य उपयोगी गतिविधियों को बढ़ावा देकर गोशाला को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। बीडीओ ने कहा कि विकास खंड क्षेत्र में चल रही सभी विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, पंचायत विकास कार्य, पेयजल, सड़क, नाली और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



