हापुड़

गंगा का जलस्तर बढ़ने से गंगा से सटे ग्रामीण इलाकों में बाढ़ के हालात

गांव के संपर्क मार्गों पर कई फीट पानी भरा

डीएम ने प्रभावित क्षेत्र में राहत सामग्री बंटवाई

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

हापुड़: गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने से गंगा से सटे ग्रामीण इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं । कई गांव के मुख्य मार्ग संपर्कमार्गों पर कई-कई फीट तक पानी पहुंच गया है।बाढ़ का पानी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं,कई गांवों का संपर्क प्रभावित होने के कारण  लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण ट्रैक्टर ट्रॉली के जरिए गांवों तक पहुंच रहे हैंवहीं, पशुओं के चारे को लेकर भी ग्रामीणों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
गढ़मुक्तेश्वर के काकाठेर की मढ़ैया के प्राथमिक विद्यालय परिसर में भी बाढ़ का पानी पहुंच गयाहै,पानी भरने के कारण स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

गढ़मुक्तेश्वर एसडीएम श्रीराम यादव ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय में पानी भर गया है,यदि स्कूल में पढ़ाई संभव नहीं होती है तो बच्चों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावितक्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।इलाके में पांच बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं।

जिलाधिकारी कविता मीणाने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं,बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के बीच शासन की ओर से राहत सामग्री वितरित की गई।

भाजपा के स्थानीय विधायक हरेंद्र तेवतिया ने भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर ग्रामीणों को राहत सामग्री वितरित की।विधायक हरेंद्र तेवतिया ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। फिलहाल बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है।उन्होंने बताया कि इस बार गंगा किनारे बांध को बंद कराया गया था, जिसके चलते पिछले वर्ष की तुलना में पानी का प्रभाव कम रहा है।हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी रास्तों पर भरने से रोजमर्रा के आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। पशुओं के चारे की व्यवस्था करना भी उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।प्रशासन की टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं और जरूरत के मुताबिक राहत पहुंचाई जा रही है।

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