
नई दिल्ली । दिल्ली में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में इमारत जमींदोज हो गई। दोपहर 1.33 बजे पुलिस व दमकल की टीम को खबर दी गई। बताया जा रहा है कि इमारत में हॉस्टल चल रहा था।
मोती बाग हादसे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने एक्स पर लिखा, दिल्ली में इमारत गिरने का हादसा अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। मेरी भगवान से प्रार्थना है कि मलबे में फंसे लोगों का सकुशल और जल्द रेस्क्यू हो जाए। दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं। सरकार को नींद से जागना होगा। बड़े स्तर पर एक्शन लेकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है।
मकान मालिक पर ऋकफ, जांच के लिए कमेटी गठित-हादसे के बाद पुलिस-प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई पर दक्षिण दिल्ली के बीजेपी सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने अहम जानकारी दी है। उन्होंने इसे एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया है।
कमेटी करेगी जांच-उन्होंने बताया कि सरकार ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया है। जैसे ही कमेटी की रिपोर्ट आएगी, जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मकान मालिक पर एक्शन-सांसद ने जानकारी दी कि इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और संभवत: उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
इमारत थी पुरानी-उन्होंने स्पष्ट किया कि यह इमारत आज या कल में नहीं बनी थी, बल्कि काफी पुरानी थी। बिधूड़ी ने कहा, “हम ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाए। कुछ लोग घायल हुए हैं, उनके भी हम जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। उन्होंने सरकार से अपील की है कि वह ऐसे सख्त से सख्त इंतजाम करे जिससे भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों।
एमसीडी के बिल्डिंग विभाग पर भ्रष्टाचार का आरोप-आप नेता सौरव भारद्वाज ने हादस के बाद नगर निगम को कटघरे में खड़ा करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एमसीडी के बिल्डिंग विभाग में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के तबादले का रेट 1.25 करोड़ रुपये है। आलोचकों का कहना है कि इतने भारी भ्रष्टाचार के चलते ऐसे हादसों का रुकना नामुमकिन है।
आॅडिट के नाम पर वसूली की आशंका-यह भी दावा किया जा रहा है कि इस हादसे के बाद अब सुरक्षा और आॅडिट के नाम पर एक बार फिर से व्यापारियों, जिम, होटलों और अस्पतालों से करोड़ों रुपये की वसूली की जाएगी, लेकिन जमीनी स्तर पर सिस्टम में कोई सुधार नहीं होगा।
दिल्ली में इमारतों का गिरना चुनाव से कहीं बड़ा मुद्दा – कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त
इस दर्दनाक हादसे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आनी शुरू हो गई हैं। कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए इसे दिल्ली के लिए एक बेहद गंभीर समस्या बताया है।
सिस्टम पर उठाया सवाल-उन्होंने कहा कि चुनाव से कहीं अधिक महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि जिस तरह से बच्चे यहां अपनी जान गंवा रहे हैं और दिल्ली में इमारतें इस तरह से लगातार ढह रही हैं। दत्त ने सरकार से अपील करते हुए कहा, जिस तरह से इन बच्चों की जान गई है, वह बेहद दुखद है। सरकार को तुरंत इन बच्चों और उनके परिवारों की सहायता करनी चाहिए।”
दोबारा न हो ऐसा हादसा-उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो। घटना को हृदयविदारक बताते हुए उन्होंने कहा कि इस समय पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ बच्चों की मदद करने पर होना चाहिए।
अंदर से आ रही हैं कॉल-उन्होंने एक चिंताजनक जानकारी साझा करते हुए बताया कि कुछ छात्र मलबे के अंदर से फोन भी कर रहे हैं। हालांकि सटीक संख्या बताना मुश्किल है कि अंदर पांच, 10 या 20 छात्र हैं, लेकिन यह तय है कि छात्र फंसे हुए हैं और अन्य लोगों के भी फंसे होने की आशंका है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री ने पूरी टीम यहां भेज दी है। हम ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं। पूरी सरकार इस घटना को लेकर बेहद चिंतित है और हमारा मुख्य उद्देश्य हर हाल में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना है।



