बिजनौर

नचना नदी में उफान से जलमग्न हुआ अफजलगढ़, सीएचसी में तीन फीट पानीभरा लेकिन

15 घंटे तक जलभराव से बाजारों में पसरा सन्नाटा, दवाइयां व अभिलेख पानी में खराब होने की आशंका

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

बिजनौर/अफजलगढ़। पहाड़ों पर लगातार हो रही तेज वर्षा के चलते नचना नदी में उफान आने से नगर में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई। शनिवार रात नदी का जलस्तर बढ़ने से सब्जी मंडी, जामा मस्जिद, मुस्लिम फंड वाली गली और ढाली बाजार में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण करीब 15 घंटे तक पानी जमा रहा। इससे बाजार में आवाजाही प्रभावित रही और व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अफजलगढ़ भी जलभराव की चपेट में आ गया। अस्पताल परिसर में करीब तीन फीट तक पानी भरने से ओपीडी, आपातकालीन कक्ष, एक्सरे रूम, औषधि भंडार, रिकॉर्ड रूम, चिकित्सक कक्ष, वार्ड और गैलरी समेत अधिकांश हिस्से जलमग्न हो गए। पानी भरने से स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुईं। सीएचसी के रिकॉर्ड रूम में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के खराब होने की आशंका है। वहीं औषधि भंडार में पानी भरने से कई दवाइयां पानी में तैरती नजर आईं। इससे लाखों रुपये की दवाइयों के खराब होने की आशंका जताई जा रही है। अस्पताल के उपकरणों के साथ ही आवासीय परिसर में पानी भरने से स्वास्थ्य कर्मियों के सामान को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। व्यापारियों का कहना है कि पहाड़ों पर तेज बारिश होते ही नचना नदी उफान पर आ जाती है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण नदी का पानी बाजार में घुस जाता है। इससे हर वर्ष दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। व्यापारियों ने नगर पालिका और प्रशासन से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराकर समस्या का समाधान कराने की मांग की है। उधर नगर पालिका के ईओ एसपी सिंह ने बताया कि जलभराव की समस्या का समाधान कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

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