
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। कान्हा उपवन गौशाला में गोवंश की दुर्दशा और मौतों का मामला तेज हो गया है। वकीलों के बाद अब संत समाज ने भी संघर्ष समिति को समर्थन दे दिया है। 15 सितंबर को जारी समर्थन पत्र में संतों ने गौशाला की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच, मौतों के कारणों का रिकॉर्ड, चारा-पानी, उपचार व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और लापरवाही पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
संत समाज ने कहा कि गोसेवा कागजों में नहीं, फर्श पर दिखनी चाहिए। व्यवस्था बेहतर है तो रिकॉर्ड भी पारदर्शी होना चाहिए। श्री पंच अग्नि अखाड़े के स्थानापति महंत अजयमानंद महाराज ने कहा कि मौतों के कारणों की अब तक समुचित जांच नहीं हुई। मांगें नहीं मानी गईं तो संत समाज आंदोलन को मजबूर होगा। उन्होंने 2,000 संतों के शामिल होने का दावा किया। गौ रक्षा सेवा संघ के अध्यक्ष कृष्ण मुरारी उपाध्याय ने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई तक संघर्ष जारी रहेगा।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष पंकज पाठक ने कहा कि कार्यकर्ताओं को आंदोलन खत्म करने के लिए धमकियां दी जा रही हैं, लेकिन समिति दबाव में नहीं झुकेगी। प्रशासन को दिया गया सात दिन का समय 16 सितंबर को पूरा हो रहा है, जिसके बाद अगली रणनीति तय होगी।
समिति ने प्रशासन से 10 सवाल पूछे हैं, जिनमें मृत गोवंश की संख्या व पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वर्तमान गोवंश की स्थिति, चारा-आपूर्ति का रिकॉर्ड, पशु चिकित्सकों की रोस्टर, सीसीटीवी फुटेज की सुरक्षा, निस्तारण प्रक्रिया और जिम्मेदारी तय करने की समयसीमा शामिल है।




