बागपत

डॉ. अजय कुमार का पांच साल का रिपोर्ट कार्ड

विकास कार्यों पर 14 अहम सवाल, जनता को जल्द मिलेगा पूरा हिसाब

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

छपरौली : छपरौली विधानसभा क्षेत्र में पांच साल के कार्यकाल के दौरान शिक्षा, सड़क, सिंचाई, किसानों की समस्याओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दे चर्चा में रहे हैं। विधायक डॉ. अजय कुमार के कार्यकाल का आकलन करने के लिए यहां 14 अहम सवालों के साथ संभावित जवाबों का प्रारूप प्रस्तुत किया जा रहा है। ये जवाब उनके रिकॉर्ड किए गए वास्तविक बयान नहीं हैं। परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और आंकड़ों की पुष्टि संबंधित विभागों से की जानी चाहिए।

सवाल 1: पांच साल की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?

जवाब का प्रारूप: मेरे कार्यकाल में छपरौली विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, सड़क और सिंचाई से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। चौधरी चरण सिंह राजकीय महाविद्यालय में नए शैक्षणिक संकायों की स्वीकृति, भवन निर्माण, पूर्वी यमुना नहर के पुनरुद्धार और ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण से जुड़े कार्य प्रमुख रहे हैं।

सवाल 2: 47 सड़कों के निर्माण का दावा कितना सही है?

जवाब का प्रारूप: क्षेत्र में सड़क निर्माण और पुनर्निर्माण के कई प्रस्तावों पर काम हुआ है। अगस्त 2026 में नौ संपर्क मार्गों को स्वीकृति मिलने की खबर भी सामने आई थी। हालांकि, 47 सड़कों में से कितनी पूरी हुईं और कितनी निर्माणाधीन हैं, इसका प्रमाणित विवरण विभागीय रिकॉर्ड से ही दिया जा सकता है।

सवाल 3: नौ सड़कों के लिए करीब 9.56 करोड़ रुपये का क्या हुआ?

जवाब का प्रारूप: नौ संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए करीब 9.56 करोड़ रुपये की स्वीकृति की जानकारी प्रकाशित हुई थी। इनमें शेरपुर लुहारा से सिनौली, बिजवाड़ा से फजलपुर, हलालपुर से लुहारा प्याऊ और कमाला स्वास्थ्य केंद्र से मुकीमपुरा तक के मार्ग शामिल बताए गए थे। इन सड़कों पर कितना काम पूरा हुआ और कितना बजट खर्च हुआ, इसकी पुष्टि संबंधित विभाग से की जानी चाहिए।

सवाल 4: राजकीय महाविद्यालय में क्या बदलाव आया?

जवाब का प्रारूप: छपरौली के चौधरी चरण सिंह राजकीय महाविद्यालय में एमए, बीएससी और बीकॉम संकायों की स्वीकृति तथा भवन निर्माण के लिए 15.77 करोड़ रुपये की परियोजना की जानकारी प्रकाशित हुई थी। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया गया। संकायों में पढ़ाई और भवन निर्माण की वर्तमान स्थिति की पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड से होनी चाहिए।

सवाल 5: किसानों का गन्ना भुगतान कब होगा?

जवाब का प्रारूप: गन्ना भुगतान क्षेत्र के किसानों का महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। नवंबर 2022 में डॉ. अजय कुमार ने गन्ना मंत्री के सामने चीनी मिलों के बकाया भुगतान और उनकी आर्थिक स्थिति की जांच का मुद्दा उठाया था। वर्तमान बकाया राशि और भुगतान की समयसीमा के लिए ताजा सरकारी आंकड़े आवश्यक हैं।

सवाल 6: बिजली कटौती से राहत के लिए क्या किया?

जवाब का प्रारूप: ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर बिजली आपूर्ति किसानों और आम लोगों की जरूरत है। बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए किए गए प्रयासों, स्वीकृत बिजलीघरों और गांववार आपूर्ति की स्थिति का विवरण उपलब्ध होने पर ही वास्तविक सुधार का आकलन किया जा सकता है। इसके लिए विभागीय आंकड़े जरूरी हैं।

सवाल 7: पूर्वी यमुना नहर की 48 करोड़ रुपये की परियोजना कितनी आगे बढ़ी?

जवाब का प्रारूप: पूर्वी यमुना नहर के पुनरुद्धार के लिए 48 करोड़ रुपये की परियोजना और 18 पुलों के निर्माण का उल्लेख समाचार रिपोर्टों में हुआ था। चौगामा क्षेत्र में नहर की बाईं पटरी के 64 किलोमीटर हिस्से को पक्का कराने की जानकारी भी सामने आई थी। परियोजना कितनी पूरी हुई है, इसकी पुष्टि सिंचाई विभाग की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट से होनी चाहिए।

सवाल 8: यमुना नदी के कटान से किसानों को कब राहत मिलेगी?

जवाब का प्रारूप: यमुना नदी के कटान से कृषि भूमि की सुरक्षा के लिए तटबंध और कटानरोधी कार्य जरूरी हैं। इस दिशा में स्वीकृत बजट, प्रभावित गांवों में हुए कार्यों और आगे की समयसीमा का स्पष्ट विवरण संबंधित विभाग से लेकर जनता के सामने रखा जाना चाहिए।

सवाल 9: बेसहारा गोवंश की समस्या का समाधान क्या है?

जवाब का प्रारूप: बेसहारा गोवंश से किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए पर्याप्त गो-आश्रय स्थल, पशुओं की देखभाल और प्रशासनिक समन्वय आवश्यक है। क्षेत्र में कितने पशुओं को संरक्षण मिला और कितने आश्रय स्थल संचालित हैं, इसका प्रमाणित विवरण सामने आना चाहिए।

सवाल 10: गांवों में जलभराव और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति क्या है?

जवाब का प्रारूप: गांवों में सड़क, नाली और जलनिकासी की व्यवस्था बेहतर बनाना ग्रामीण विकास की प्राथमिकता होनी चाहिए। विभिन्न योजनाओं के तहत कराए गए निर्माण कार्यों की जानकारी के साथ यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि किन गांवों को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिली है।

सवाल 11: विधायक निधि के 22.50 करोड़ रुपये का हिसाब क्या है?

जवाब का प्रारूप: प्रकाशित रिपोर्ट में सवा चार साल के दौरान विधायक निधि की नौ किस्तों में 22.50 करोड़ रुपये मिलने की जानकारी दी गई थी। इस राशि से कितने कार्य स्वीकृत हुए, कितने पूरे हुए और कितना वास्तविक भुगतान किया गया, इसका वर्षवार हिसाब जनता के सामने रखा जाना चाहिए।

सवाल 12: युवाओं को रोजगार देने के लिए क्या किया?

जवाब का प्रारूप: युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देना जरूरी है। महाविद्यालय में नए संकायों की स्वीकृति उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाने की दिशा में कदम है। हालांकि, रोजगार पाने वाले युवाओं और आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की संख्या के प्रमाणित आंकड़े उपलब्ध होने चाहिए।

सवाल 13: कौन से काम अभी अधूरे हैं?

जवाब का प्रारूप: जनता को यह जानने का अधिकार है कि कौन-सी परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, कौन-सी निर्माणाधीन हैं और किन कार्यों में देरी हो रही है। सड़क निर्माण, महाविद्यालय भवन और नहर पुनरुद्धार सहित सभी प्रमुख परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। साथ ही, अधूरे कार्यों को पूरा कराने की प्राथमिकता और समयसीमा भी बताई जानी चाहिए।

सवाल 14: क्या जनता को पांच साल का रिपोर्ट कार्ड मिलेगा?

जवाब: जल्द ही डॉ. अजय कुमार द्वारा जनता के बीच पूरे कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया जाएगा। इसमें विकास कार्यों, खर्च हुई धनराशि और निर्माणाधीन परियोजनाओं का विवरण साझा किया जाएगा ताकि जनता उनके कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का आकलन कर सके।

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