विधायक व झामुमो युवा नेत्री उपासना मरांडी ने वीर शहीदों को किया नमन, 1855 में सिद्धो- कान्हू के नेतृत्व में प्रारम्भ हुआ हूल विद्रोह केवल एक आन्दोलन नहीं था बल्कि वह स्वतंत्रता संग्राम का अग्रदूत था- प्रो. स्टीफन मरांडी
MLA and JMM youth leader Upasana Marandi paid tribute to the brave martyrs, the Hul rebellion that started in 1855 under the leadership of Sidhu-Kanhu was not just a movement but it was the forerunner of the freedom struggle - Prof. Stephen Marandi

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। झामुमो प्रखण्ड कार्यालय महेशपुर में प्रखण्ड अध्यक्ष अब्दुल वदूद के नेतृत्व में आयोजित हूल दिवस कार्यक्रम के बतौर मुख्यातिथि विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी एवं केंद्रीय समिति सदस्य उपासना मरांडी ने वीर शहीद सिद्धो – कान्हू की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उपस्थित झामुमो के पदाधिकारियों सहित कार्यकर्ताओं ने बारी बारी से माल्यार्पण कर अमर बलिदानियों को नमन किया। इस अवसर पर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने कहा कि 1855 में सिद्धो- कान्हू के नेतृत्व में प्रारम्भ हुआ हूल विद्रोह केवल एक आन्दोलन नहीं था, बल्कि वह स्वतंत्रता संग्राम का अग्रदूत था। आदिवासी वीरों और वीरांगनाओं ने ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध संगठित होकर आत्मबलिदान का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह विद्रोह हमें बताता है कि स्वतंत्रता केवल एक राजनीतिक मांग नहीं थी, बल्कि वह हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का स्वरूप भी थी। उन्होंने आगे कहा कि सिद्धो- कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो जैसे अनगिनत शहीदों का बलिदान आज भी हमें प्रेरित करता है कि हम सामाजिक समरसता, न्याय और समानता की दिशा में निरंतर कार्य करते रहें. यह दिवस हमें हमारे दायित्वों की याद दिलाता है कि जिनके संघर्ष से आजादी मिली, उनके आदर्शों का पालन भी हमारा कर्तव्य है। मौके पर जिला उपाध्यक्ष हरिवंश चौबे, जिला संगठन सचिव अनारूद्दीन मियां, जिला संगठन सचिव मुनिराम मरांडी, केन्द्रीय समिति सदस्य पिंकु शेख, जिला सह- सचिव लाल मुहम्मद अंसारी, प्रखण्ड सचिव जेम्स सुशील हेंब्रम, पूर्व सचिव जोहन मुर्मू, एनामुल हक, मैनुद्दीन अंसारी,पप्पू अंसारी,नसीम अहमद,मोताहार शेख, अल्तमस हेम्ब्रम, अभिषेक कुमार सिंह,रूहुल अमीन, मुन्ना प्यारेलाल मुर्मू,मोताहार शेख, अकलाकुर रहमान, अल्तमस हेंब्रम,बुदल यादव,मोजीबुल शेख,बाबूधन मुर्मू उर्फ डॉन, निरोज मड़ैया,राजू अंसारी, अंजनी कुमार भगत, अल्फ्रेड हेम्ब्रम,मालेक शेख, फोल्टु शेख, केताबुल शेख, मोहर्रम शेख, जावेद अंसारी, कुर्बान शेख,नूर आलम,आजीम शेख,बोकुल शेख, जसीमुद्दीन शेख,फुड़ू शेख, गैब्रियल,लासार हेम्ब्रम, अनिता मुर्मू, विनीता मुर्मू,सेनेली हेम्ब्रम, सावित्री मुर्मू कौशल्या देवी सहित अन्य झामुमो कार्यकर्ता मौजूद थे।



