हापुड़

तहसील में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा किसान

दो साल से चक्कर काटते-काटते हुई मौत..

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

एसडीएम कार्यालय के बाहर मृतक किसान का शव रखकर परिजनों ने किया हंगामा..
हंगामे के बाद तुरंत मिली खतौनी…

हापुड (यूपी) – धौलाना तहसील में एक बार फिर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं । मृतक मां से विरासत में मिली भूमि को अपने नाम चढ़वाने के लिए ढाई वर्ष से तहसील के चक्कर काट रहे किसान भगवत की शनिवार सुबह हृदय गति रुकने से मौत हो गई । मृतक के परिजनों ने धौलाना तहसील के उपजिलाधिकारी कार्यालय के बाहर शव रखकर जोरदार प्रदर्शन किया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग की है । विरासत में नामांतरण कराने के लिए तहसील के कानूनगो रामकिशोर और उनके सहायक पवन ने लगभग दो लाख रुपये की रिश्वत ले ली लेकिन इसके बावजूद अभी तक भूमि की खतौनी में मृतक भगवत और उसके भाइयों के नाम विरासत में दर्ज नहीं किए थे । जिससे मृतक किसान भगवत तहसील के दो साल से चक्कर काटते हुए मानसिक रूप से काफी परेशान था ।

मृतक किसान के भाई सुभाष ने बताया कि  , ढाई वर्ष पूर्व उनकी माता भीमो देवी का निधन हुआ था । इसके बाद चारों भाइयों ने विरासत के आधार पर भूमि अपने नाम कराने के लिए तहसील  धौलाना में आवेदन किया था , लेकिन दो वर्षों से लगातार चक्कर लगाने और मोटी रिश्वत देने के बाद भी उनका काम नहीं हुआ । लगातार तहसील के चक्कर काटने , उत्पीड़न, मानसिक तनाव और विभागीय लापरवाही के कारण मेरा बड़ा भाई बेहद परेशान था, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई और अंततः उसकी मौत हो गई । आरोपी रामकिशोर और पवन के खिलाफ कार्यवाही की जाए और हमें हमारा दिया हुआ रुपया और उचित मुआवजा दिया जाए ।

धौलाना तहसील में किसान का शव रखकर हंगामा करने की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया और मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया । इसके साथ ही एसडीएम मनोज कुमार ने तत्काल मृतक किसान सुभाष के परिजनों को उनके खेत की खतौनी भी दिलवाई , जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए । ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि रजिस्ट्रार कानूनगो (RK) रामकिशोर और पवन के खिलाफ जल्द कार्यवाही नहीं हुई , तो वे उग्र आंदोलन करेंगे ।

वही एडीएम संदीप कुमार ने बताया कि , मृतक किसान के विरासत को दर्ज कर लिया गया था लेकिन खतौनी लॉक हो गई थी जिसके कारण उनके नाम दर्ज नहीं हो पाए थे । रजिस्ट्रार कानूनगो रामकुमार और सहायक पवन पर भ्रष्टाचार के जो भी आरोप लगाए गए, इसकी जांच संबंधित एसडीएम को सौंपी गई है , जांच के बाद कार्यवाही की जाएगी ।

 

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