
मुरादाबाद। यूपी में भाजपा के सर्वे से विधायकों की चिंता बढ़ गई है। मुरादाबाद मंडल में एजेंसी से कराए सर्वे में जनता से मनमाफिक संकेत नहीं मिले हैं। असंतुष्टि से संभावित नुकसान बचाने के लिए टिकट बदलने का सुझाव दिया गया है। मुरादाबाद मंडल में भाजपा के 12 विधायकों में से 10 की दूसरी पारी है।
चुनाव के मद्देनजर भाजपा द्वारा कराए जा रहे सर्वे के संकेतों ने मंडल में पार्टी विधायकों के कान खड़े कर दिए हैं। इसकी वजह सर्वे में भाजपा विधायकों के प्रति लोगों में नाराजगी की बात सामने आई है। एंटी इनकंबेंसी से बचने के लिए सर्वे एजेंसी ने टिकट बदलने के सुझाव दिए हैं। फिलहाल मौजूदा समय में मंडल में भाजपा के 12 विधायक हैं।
इनमें 10 पार्टी के टिकट पर लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं। मुरादाबाद मंडल को सपा का गढ़ कहा जाता है। मौजूदा समय में मंडल की 27 विधानसभा सीटों में से 12 पर भाजपा काबिज है। रामपुर की स्वार टांडा सीट भाजपा के सहयोगी अपना दल एस के पास है। जबकि 14 सीटें सपा के पास हैं।
मंडल में भाजपा के दो विधायकों को छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी 10 विधायक पार्टी के टिकट पर लगातार दूसरी बार विधानसभा पहुंचे हैं। रामवीर सिंह कुंदरकी और आकाश सक्सेना रामपुर सीट पर हुए उपचुनाव में जीतकर पहली बार विधायक बने हैं।
2027 के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन को लेकर भाजपा एजेंसियों के जरिये सर्वे करा रही है। अभी तक तीन सर्वे हो चुके हैं। सर्वे के यह चरण प्रदेश भर में चले हैं।
अगस्त-सितंबर में चौथा सर्वे होने की उम्मीद है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक तीनों सर्वे की रिपोर्ट में एक बात कॉमन रही है। वह यह कि भाजपा विधायकों के प्रति लोगों में नाराजगी है। जो पार्टी के लिए चिंता का विषय है।
लोगों की नाराजगी को देखते हुए सर्वे करने वाली एजेंसी ने 35 फीसदी विधायकों को बदलने यानी नया उम्मीदवार लाने का सुझाव भी दिया है। इस सर्वे ने मुरादाबाद मंडल के भाजपा विधायकों के बीच चिंता बढ़ा दी है।
इसका कारण वह चर्चा है, जिसमें कहा जा रहा है कि 35 फीसदी विधायकों में कुछ नाम मुरादाबाद मंडल से भी हैं। इसे लेकर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकतार्ओं के बीच हलचल बढ़ गई है। हालांकि इस बारे में पार्टी के पदाधिकारी खुलकर बोलने से बच रहे हैं।
पार्टी स्तर से सर्वे होते रहते हैं। अभी विधानसभा चुनाव को लेकर आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। फिलहाल पार्टी का फोकस एमएलसी चुनाव पर है। – नवाब सिंह नागर, क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा
मंडल में भाजपा के टिकट पर लगातार दूसरी बार चुने गए विधायक
बिलासपुर से बलदेव सिंह औलख, मिलक से राजबाला, चंदौसी से गुलाब देवी, मुरादाबाद नगर से रितेश गुप्ता, मंडी धनौरा से राजीव तरारा, हसनपुर से महेंद्र खड़गवंशी, बिजनौर से सुचि चौधरी, बढ़ापुर से सुशांत सिंह, धामपुर से अशोक राणा और नहटौर से ओम कुमार लगातार दूसरी बार भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे।
मंडल के किस जिले में भाजपा के कितने विधायक
जिला भाजपा विधायकों की संख्या
बिजनौर 04
रामपुर 03
मुरादाबाद 02
अमरोहा 02
संभल 01
नोट : उपचुनाव में भाजपा ने रामपुर में दो और मुरादाबाद में एक सीट पर जीत दर्ज की है। रामपुर की एक सीट भाजपा गठबंधन के पास है।
उपचुनाव में बढ़ गईं भाजपा की तीन सीटें
वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को मंडल की 27 में से 10 सीटों पर जीत मिली थी। जबकि सपा ने 17 सीटों पर जीत दर्ज की थी। बाद में मंडल की तीन (रामपुर, स्वार टांडा और कुंदरकी) सीटों पर चुनाव हुए। दो सीटों पर भाजपा और एक सीट गठबंधन में शामिल अपना दल एस ने जीत हासिल की थी।



