मुरादाबाद

नवजात को बैग में डालकर एसी कोच में टांगा

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो

मुरादाबाद। पटना से चंडीगढ़ जा रही समर स्पेशल ट्रेन के सेकेंड एसी कोच में बैग से नवजात मिला बैग 2 सीटों के बीच के कुंडे में टंगा था। बैग के बार-बार हिलने पर यात्रियों को शक हुआ उन्होंने बैग खोलकर देखा तो अंदर नवजात बच्चे को देखकर हैरान रह गए। बैग में नवजात होने की सूचना तुरंत रेलवे कंट्रोल रूम 139 को दी गई।
मुरादाबाद स्टेशन पर आरपीएफ और चाइल्ड लाइन की टीम ने नवजात को ट्रेन से उतरा उसे जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में एडमिट किया गया। वहां के डॉक्टरों का कहना है कि नवजात के पेट की नाल तक नहीं काटी है। इससे पता चलता है कि उसे पैदा होने के तुरंत बाद बैग में बंद करके ट्रेन में रख दिया गया।
डॉक्टर बोली लखनऊ या आसपास के स्टेशन पर बच्चा छोड़ा
नवजात का इलाज करने वाली बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर इरम राशिद ने बताया बच्चे के पेट से जुड़ी नाल तक अलग नहीं की गई थी। इसका मतलब किसी ने बच्चा पैदा होने के कुछ देर बाद ही बैग में रखकर ट्रेन में छोड़कर भाग गया
बच्चे को अगर पटना से ही बैग में बंद करके रखा गया होता तो मुरादाबाद पहुंचने तक उसका दाम घट जाता। बच्चे की हालत देखकर यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसे लखनऊ या उसके नजदीक के किसी स्टेशन पर बैग में रखकर ट्रेन में छोड़ा गया है
हमने बच्चे के पेट से नाल को अलग किया जब बच्चा आया था तब उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। जिसके बाद उसे महिला अस्पताल के एमसी में रखा गया उसका वजन ढाई किलो है और वह समय पूरा होने के बाद पैदा हुआ है।
नवजात को सांस लेने में तकलीफ थी
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉक्टर निर्मल पाठक ने बताया नवजात की हालत में पहले से सुधार हो रहा है। यहां उसे दूध पिलाया गया हमें उम्मीद है कि धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा हम बच्चे की सेहत के बारे में बाल कल्याण समिति को सूचित कर रहे हैं।
एक महीने तक एसएनसीयू में रहेगा बच्चा
चाइल्डलाइन के सुपरवाइजर विनीत चौधरी ने बताया कि रात 1:00 बजे के बाद ट्रेन मुरादाबाद स्टेशन पर पहुंची थी। आरपीएफ के मैसेज पर वह स्टेशन पहुंची और रेलवे के डॉक्टरों को बुलाकर उनकी देखरेख में बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया। नवजात एक माह तक महिला अस्पताल के एसएनसीयू में रहेगा वहां अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ उसके स्वास्थ्य का ध्यान रखेंगे इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति को सौंप दिया जाएगा।
मशीन में रखा नवजात शिशु 
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