गाजियाबाद

अयोध्या राम मंदिर की पवित्रता से खिलवाड़ पर यूनाइटेड हिंदू फ्रंट का तीखा आक्रोश

आरोपी पर सख्त कार्यवाही की मांग , सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

राम मंदिर में नमाज़ का प्रयास, जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पाठ की पुनरावृत्ति का संकेत : जय भगवान गोयल
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से नमाज़ अदा करने के प्रयास की घटना को लेकर यूनाइटेड हिंदू फ्रंट ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन ने इस घटना को करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था पर सीधा आघात बताते हुए इसे सुनियोजित उकसावे की कार्यवाही करार दिया है।
यूनाइटेड हिंदू फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राष्ट्रवादी शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष  जय भगवान गोयल ने कहा कि श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे पवित्र स्थल पर किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि न तो स्वीकार्य है और न ही बर्दाश्त की जा सकती।
 गोयल ने इस घटना को अत्यंत  गंभीर बताते हुए कहा कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद इस प्रकार की कोशिश होना सुरक्षा तंत्र की बड़ी चूक की ओर इशारा करता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश प्रशासन से मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्यवाही की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की दुस्साहसिक हरकत करने का साहस न कर सके।
यूनाइटेड हिंदू फ्रंट ने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से श्रीराम मंदिर परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की मांग की है। संगठन ने धार्मिक स्थलों की पवित्रता भंग करने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ अपनाने पर जोर दिया।
संगठन ने देशवासियों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कानून को अपने हाथ में न लिया जाए, लेकिन ऐसी घटनाओं पर सरकार और प्रशासन को सख्त रवैया और स्पष्ट संदेश देना अनिवार्य है।
 गोयल ने 6 दिसंबर 1996 की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय जामा मस्जिद के इमाम द्वारा अयोध्या जाकर नमाज़ पढ़ने की धमकी दी गई थी, जिसके जवाब में उन्होंने अपने साथियों के साथ जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ किया था। उन्होंने कहा कि यह चेतावनी थी कि सनातन समाज श्रीराम जन्मभूमि की पवित्रता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।
उन्होंने कट्टरपंथी और उग्र मानसिकता रखने वाले तत्वों को आगाह करते हुए कहा कि यदि करोड़ों सनातनी मंदिरों और मस्जिदों में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने लगें, तो देश की शांति और सौहार्द बिगाड़ने वालों के लिए स्थिति संभालना कठिन हो जाएगा।
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