अंतरराष्ट्रीय

अगर टैरिफ हटाया गया तो अमेरिका में आएगी 1929 जैसी महामंदी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी चेतावनी

वॉशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ लगाने के फैसले का अमेरिका में विरोध हो रहा है। कुछ अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि टैरिफ से अमेरिका में महंगाई बढ़ेगी। ट्रंप को अंदेशा है कि अमेरिकी अदालतें भी टैरिफ पर रोक लगा सकती हैं। इसलिए उन्होंने टैरिफ को लेकर चेतावनी दी है।
अमेरिकी अदालतों की ओर से टैरिफ के फैसले को पलटे जाने को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर टैरिफ को हटाया जाता है तो अमेरिका में 1929 जैसी महामंदी आ सकती है। ट्रंप का यह बयान कुछ देशों पर टैरिफ लगाने के ठीक बाद आया।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि टैरिफ का शेयर बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। लगभग हर दिन नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। सैकड़ों अरब डॉलर अमेरिकी खजाने में आ रहे हैं। अगर कोई कट्टरपंथी और वामपंथी अदालत टैरिफ को रद्द करती है तो अमेरिकी फिर 1929 जैसी महामंदी में घिर जाएगा।
ट्रंप ने लिखा कि अगर अदालतों को अमेरिका की संपत्ति, ताकत और शक्ति के खिलाफ फैसला सुनाना ही था, तो उन्हें बहुत पहले मामले की शुरूआत में ही ऐसा कर लेना चाहिए था। जब हमारा पूरा देश इस तरह की महानता को फिर कभी हासिल न कर पाने के बावजूद 1929 जैसी संकटग्रस्त स्थिति में न पड़ता। अमेरिका इस तरह की न्यायिक त्रासदी से उबर नहीं सकता, लेकिन मैं अपनी न्यायिक व्यवस्था को किसी से भी बेहतर जानता हूं। इतिहास में ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जो मेरे जैसे परीक्षणों, कष्टों और अनिश्चितताओं से गुजरा हो। हमारा देश सफलता और महानता का हकदार है, न कि उथल-पुथल, असफलता और अपमान का। ईश्वर अमेरिका का भला करे!
भारत पर लगाया है 50 फीसदी टैरिफ
ट्रंप ने पिछले हफ्ते भारत से अमेरिका पहुंचने वाला सामान पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया था जो 7 अगस्त से प्रभावी हो गया है। उन्होंने रूस से तेल खरीदने का आरोप लगाकर भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया है जो 27 अगस्त से प्रभावी होगा। इस तरह अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है जो दुनिया में किसी भी देश पर अमेरिका द्वारा लगाए गए सबसे अधिक शुल्कों में से एक है। इसके अलावा ट्रंप ने कई अन्य देशों पर भी टैरिफ लगाया है।
ट्रंप के फैसले का विरोध
भारतीय-अमेरिकी समुदाय के नेता और राष्ट्रपति जो बाइडन के पूर्व सलाहकार अजय भुटोरिया ने भारतीय चीजों पर 50% टैरिफ का कड़ा विरोध किया है। अमेरिका की लगभग आधी सस्ती जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति भारत से होती है। इनकी कीमतें बढ़ेंगी, जिसका असर परिवारों पर पड़ेगा। रोजमर्रा की चीजें मसाले, दालें, दिवाली के कपड़े महंगे हो जाएंगे, कपड़ों व जूतों के दाम 37% तक बढ़ सकते हैं। भूटोरिया ने भारत को उसकी ऊर्जा जरूरतों के लिए निशाना बनाने की निंदा की है। भारतीय मूल के अमेरिकी समुदाय ने ट्रंप के दोहरे मापदंडों को 186 अरब डॉलर की मजबूत भारत-अमेरिका व्यापार साझेदारी और 2030 तक 500 अरब डॉलर का साझा लक्ष्य हासिल करने वाली अर्थव्यवस्था के लिए क्षति पहुंचने का खतरा बताया। उन्होंने जोर दिया कि दोनों देश जीवंत साझेदारी साझा करते हैं, ऐसे में संबंधित चुनौतियों का भी मिलकर सामना करना होगा।
किन देशों पर कितना टैरिफ
अतिरिक्त टैरिफ के बाद भारत ब्राजील के साथ दुनिया का सबसे अधिक अमेरिकी टैरिफ वाला देश बन जाएगा। अमेरिका ने म्यांमार पर 40 फीसदी, थाईलैंड और कंबोडिया पर 36-36 फीसदी, बांग्लादेश पर 35 फीसदी, इंडोनेशिया पर 32 फीसदी, चीन और श्रीलंका पर 30-30 फीसदी, मलयेशिया पर 25 और फिलिपींस और वियतनाम पर 20-20 फीसदी टैरिफ लगाया है। इन देशों का अमेरिका के साथ कई क्षेत्रों में कारोबार है, जिसका सीधा भारत से संबंध है। अब जब इन देशों पर और भारत पर अधिक टैरिफ होगा, तो स्वाभाविक रूप से अमेरिकी बाजार में भारत के इन प्रतिस्पर्धी देशों को बढ़त मिलेगी। हालांकि, टैरिफ में कटौती की एक उम्मीद भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते की स्थिति में नजर आ रही है, जिसके लिए अमेरिका वातार्कारों की टीम 25 अगस्त को भारत आने वाली है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button