बरेली

बरेली कॉलेज  बरेली का आजाद हॉस्टल, यहां क्रांतिकारी बनाते थे योजनाएं

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली। वर्ष 1837 में स्थापित बरेली कॉलेज कई मायनों में ऐतिहासिक है। वर्ष 1857 के स्वाधीनता संग्राम के दौरान कॉलेज का आजाद हॉस्टल क्रांतिकारियों का प्रमुख ठिकाना हुआ करता था। कॉलेज के छात्र और शिक्षक क्रांतिकारियों का न सिर्फ साथ देते थे, बल्कि उनके लिए धन संग्रह भी करते थे। आजादी के मतवालों के साथ कदमताल करते हुए इस कॉलेज ने तमाम उतार-चढ़ाव देखे। हर संकट के बाद यह उठ खड़ा हुआ और आज रुहेलखंड के प्रमुख शिक्षण संस्थान के रूप में अपना परचम फहरा रहा है। वर्ष 1857 में देशभर में क्रांति की चिंगारी भड़की तो अंग्रेजों के प्रति सहानुभूति रखने वाले बरेली कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. कार्लस बक की हत्या कर दी गई थी। इससे कॉलेज का शैक्षणिक सत्र भी प्रभावित हुआ था। वर्ष 1858 में इसे फिर खोलकर 1862 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से संबद्ध किया गया। सिर्फ 57 विद्यार्थियों के साथ स्कूल के रूप में इसकी शुरुआत हुई थी। वर्ष 1850 में इसे कॉलेज का दर्जा दिया गया।
प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने बताया कि बरेली कॉलेज बरेली-मुरादाबाद मंडल का ऐतिहासिक संस्थान है। नैक से ए-ग्रेड प्राप्त है। बेहतर शैक्षणिक माहौल से विद्यार्थी प्रवेश लेने के लिए उत्सुक रहते हैं। कुछ वजहों से कॉलेज का मेंटेनेंस नहीं हो पा रहा। वह काम भी जल्द ही कराया जाएगा।
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