गाजियाबाद
स्कूल मैदान बना प्लाट बिक्री केंद्र, अभिभावकों में रोष
नवजीवन मॉडल स्कूल पर बच्चों के खेल के अधिकार से खिलवाड़ का आरोप
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद : जहाँ एक ओर केंद्र और राज्य सरकारें विद्यालयों में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, वहीं गाजियाबाद के अंकुर विहार बी ब्लॉक स्थित नवजीवन मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में खेल मैदान के बड़े हिस्से पर प्लाट बिक्री किए जाने से अभिभावकों और विद्यार्थियों में आक्रोश फैल गया है
खेल मैदान पर व्यापार, छात्रों से छीना खेलने का अधिकार
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन ने खेलकूद के लिए निर्धारित भूमि का उपयोग व्यावसायिक लाभ के लिए शुरू कर दिया है।
अभिभावकों का कहना है कि यह न केवल बच्चों के स्वास्थ्य और मानसिक विकास के साथ अन्याय है, बल्कि सीबीएसई के दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन भी है
सीबीएसई नियमों की अनदेखी
सीबीएसई के Affiliation Bye-Laws के अनुसार, किसी भी मान्यता प्राप्त सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार पर्याप्त खेल मैदान और खुला क्षेत्र होना आवश्यक है।
इन नियमों के तहत विद्यालय परिसर की भूमि का उपयोग केवल शैक्षणिक और खेल गतिविधियों के लिए ही किया जा सकता है।
इसके बावजूद, अंकुर विहार क्षेत्र के कई निजी स्कूल इन नियमों की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं।
क्षेत्र में कॉलोनाइज़रों का बढ़ता प्रभाव
दिल्ली से सटे इस क्षेत्र में बिल्डरों और कॉलोनाइज़रों ने बड़े पैमाने पर भूखंडों पर अवैध रूप से व्यावसायिक निर्माण शुरू कर दिया है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इसी दबाव में कई स्कूल अपनी भूमि का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों — जैसे प्लाट बिक्री, पार्किंग या किराये के आयोजन — के लिए करने लगे हैं।
लोगों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों की मौन सहमति से यह सब संभव हो रहा है
अभिभावकों की मांग
अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी और सीबीएसई प्रशासन से मांग की है कि
स्कूल मैदान का उपयोग केवल खेलकूद और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए सुनिश्चित किया जाए।
लोनी क्षेत्र में संचालित सभी निजी स्कूलों की जांच कर यह देखा जाए कि वे मान्यता नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।
नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाए
अधिकारियों से कार्यवाही की उम्मीद
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई, तो वे अभिभावक संगठनों के साथ मिलकर शांति पूर्ण प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बच्चों के भविष्य से समझौता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



