बाराबंकी
बाराबंकी तीन दिन से लापता बुजुर्ग बाराबंकी में मिले
पत्रकार की पोस्ट से मिला परिवार—कानपुर लेकर पहुंचे परिजन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बाराबंकी। जनपद बाराबंकी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ तीन दिन से लापता एक बुज़ुर्ग को जिला अस्पताल में भर्ती पाया गया। सोशल मीडिया पर स्थानीय पत्रकार की एक पोस्ट ने बुज़ुर्ग को उनके परिवार से मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कानपुर निवासी 60 वर्षीय महादेव प्रसाद अवस्थी अपनी पोती की शादी में शामिल होने के लिए 21 नवंबर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, विभूति खंड लखनऊ आए हुए थे। परिवार के साथ सभी रस्मों में शामिल होने के बाद जयमाला कार्यक्रम के दौरान वह अचानक बाहर निकल गए और कहा कि वह अकेले ही कानपुर जा रहे हैं। इसके बाद परिवार उनका कोई पता नहीं लगा पाया।
इसी बीच शाम से रात के बीच महादेव प्रसाद अवस्थी बाराबंकी कैसे पहुंच गए, इसका किसी को पता नहीं चलता। बताया जाता है कि सफेदाबाद स्थित शालीमार के पास किसी वाहन से टक्कर लगने के बाद राहगीरों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस कर्मियों ने उन्हें जिला अस्पताल बाराबंकी में भर्ती कराया।
सर में चोट लगने के कारण वह तीन दिन तक अपना सही पता नहीं बता सके।
पत्रकार की पोस्ट से हुआ चमत्कार, 1 घंटे में मिला परिवार
तीसरे दिन जिला अस्पताल में कवरेज के लिए पहुंचे बाराबंकी के पत्रकार चौधरी उस्मान अली को ड्यूटी पर मौजूद डॉ. अफसर खान ने बताया कि एक लावारिस मरीज भर्ती है जिसकी पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
सूचना मिलते ही पत्रकार ने तत्काल डायल 112 पर फोन करके पुलिस को विवरण दिया, फिर वृद्ध की जानकारी और तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट कर दी।
इस पोस्ट ने कुछ ही देर में बड़ा असर दिखाया—लगभग एक घंटे के भीतर उनके कानपुर और लखनऊ में रहने वाले रिश्तेदारों के फोन आने लगे, जिन्होंने बुज़ुर्ग को पहचान लिया।
इसके बाद परिवारजन जिला अस्पताल पहुंचे और भावुक माहौल में महादेव प्रसाद अवस्थी से मिले।
सीएमएस, चिकित्सक और स्टाफ की सराहना मौके पर मौजूद सीएमएस डॉ. जे.पी. मौर्य, डॉ. अफसर खान, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बेहतर देखभाल करते हुए मरीज को सुरक्षित रखा। परिजनों ने जिला अस्पताल और पत्रकार का धन्यवाद देते हुए कहा इंसानियत सबसे बड़ी चीज़ है, बाराबंकी ने यह साबित कर दिया। पुत्र मुकुल अवस्थी का आवेदन
अपने पिता को लेने पहुंचे पुत्र मुकुल अवस्थी, निवासी 1/257 विजयंत खंड, गोमतीनगर, लखनऊ ने मुख्य चिकित्साधिकारी को दिया आवेदन सौंपा।
उन्होंने बताया कि उनके पिता पूर्व में एलआईसी के अधिकारी रहे हैं और सेवानिवृत्त हैं।लखनऊ से गायब होने के बाद परिवार ने कानपुर और लखनऊ में काफी तलाश की थी तथा गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई, पर कोई सूचना नहीं मिल पाई थी।
परिवार का आभार
परिजनों ने कहा कि अगर बाराबंकी के पत्रकार की पोस्ट और जिला अस्पताल की सतर्कता न होती तो शायद उनके पिता तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता।
उन्होंने जिला अस्पताल बाराबंकी, पुलिस और पत्रकार को दिल से धन्यवाद दिया।



