गाजियाबाद

चुनाव सुधार पर राष्ट्रीय मंथन

दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में उठी EVM पारदर्शिता और SIR वापस लेने की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
दिल्ली : सिटीज़न्स फॉर डेमोक्रेसी और डॉ. राजेंद्र प्रसाद एकेडमी की ओर से 27 नवंबर को राजेंद्र भवन, नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया। पूरे दिन चले इस संवादात्मक सत्र में देशभर के 75 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें विशेष रूप से लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान, PUCL, सर्व सेवा संघ और समाजवादी समागम के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
सेमिनार की शुरुआत सिटीज़न्स फॉर डेमोक्रेसी के महासचिव शशि शेखर सिंह ने स्वागत भाषण के साथ की और चर्चा के लिए तीन प्रमुख विषय प्रस्तुत किए। सेमिनार में मुख्य विषय पर चर्चा हुई, जिनमें
 मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े नए कानून को वापस लेना,
चुनाव आयोग द्वारा लागू किए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध,
EVM प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना या पेपर बैलेट प्रणाली की वापसी
सेमिनार के मुख्य वक्ता 
योगेंद्र यादव — राजनीतिक विश्लेषक एवं सामाजिक कार्यकर्ता,
मेजर जनरल (रि.) अनिल वर्मा हेड, ADR
अंशुल अभिजीत — वकील एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता
सेमिनार की प्रमुख बातें
पहले सत्र की अध्यक्षता डॉ. अनिल मिश्रा ने की। चर्चा को आगे बढ़ाते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि वर्तमान समय में चुनाव सुधारों का संदर्भ बदल गया है और आज की चुनौती सिर्फ सुधार नहीं बल्कि लोकतंत्र की रक्षा है।
उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया नागरिक अधिकारों और लोकतंत्र दोनों के लिए गंभीर खतरा है और यदि इसे नहीं रोका गया तो भविष्य में चुनाव अपनी सार्थकता खो देंगे।
ADR के प्रमुख मेजर जनरल वर्मा ने चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता की कमी, राजनीतिक फंडिंग और संस्थागत निष्पक्षता पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ADR की कई याचिकाएं अदालतों में लंबित हैं और जन-उदासीनता सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।
दूसरे सत्र की अध्यक्षता एस. आर. हीरेमठ ने की। वक्ता अंशुल अभिजीत ने अपने संबोधन में मतदान अधिकार को मौलिक अधिकार बनाने की आवश्यकता दोहराई और जाति-धर्म आधारित मतदान प्रवृत्ति को संविधान के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध बताया।
निर्णय और प्रस्ताव
प्रतिभागियों ने:चुनाव आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने,
 चुनाव आयुक्तों की चयन प्रक्रिया कानून में संशोधन,
 SIR नीति की तत्काल समाप्ति,
एवं देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान और राष्ट्रपति व चुनाव आयोग को ईमेल भेजने का निर्णय लिया।
सत्र के दौरान उन बूथ-लेवल अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी गई जिन्होंने SIR के दबाव में आत्महत्या की।
आगे की रणनीति
सेमिनार के अंत में एक राष्ट्रीय एक्शन कमेटी गठित की गई, जो चुनाव सुधारों के लिए अन्य संगठनों के साथ मिलकर राष्ट्रीय आंदोलन चलाएगी।
अंत में C.F.D दिल्ली चैप्टर की महासचिव ज्योत्स्ना राय ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया और कार्यक्रम संपन्न हुआ।
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