पाकुड़

बालू उठाव बंद होने से ठप पड़े निर्माण कार्य, मिस्त्री- मजदूर भुखमरी के कगार पर

Construction work stalled due to the suspension of sand mining, leaving laborers and masons on the verge of starvation.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़ जिले में लंबे समय से बालू घाटों से बालू उठाव बंद रहने के कारण सरकारी विकास योजनाओं से लेकर आम लोगों के निजी निर्माण कार्य तक ठप पड़ गये हैं। निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली बालू की कमी ने पूरे जिले में संकट खड़ा कर दिया है। बालू की उपलब्धता न होने से घर बनाने से लेकर सड़क, पुल-पुलिया और अन्य निर्माण गतिविधियाँ प्रभावित हो रही हैं। इससे न केवल विकास कार्यों की गति रुकी है, बल्कि कंस्ट्रक्शन से जुड़े मिस्त्री–मजदूर और संबंधित व्यवसाय वर्ग भी रोज़गार संकट का सामना कर रहा है। स्थानीय मजदूरों का कहना है कि निर्माण कार्य ही उनकी रोज़ी-रोटी का मुख्य साधन है। रोजाना की मिलने वाली देहाड़ी से ही उनके परिवार का भरण-पोषण चलता है। लेकिन लम्बे समय से बालू उठाव शुरू न होने की वजह से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद हैं, जिससे बड़ी संख्या में मजदूर बेरोज़गार हो गये हैं। मिस्त्री–मजदूर वर्ग भटकने और दिहाड़ी तलाशने को मजबूर है। उनका कहना है कि बालू उपलब्ध न होने से उनका रोजगार छिन गया है और परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। मजदूरों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बालू घाटों से जल्द से जल्द बालू उठाव शुरू करवाने की पहल की जाए, ताकि निर्माण कार्य दोबारा पटरी पर लौट सके और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र से जुड़े सभी श्रमिकों को रोजगार मिल सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो इसका असर जिले के विकास और आम जनजीवन दोनों पर पड़ेगा।

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