गाजियाबाद
ऑनलाइन उपस्थिति और अतिरिक्त कार्यों के विरोध में ग्राम सचिवों का एक दिवसीय धरना
मुख्यमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी (गाज़ियाबाद)। उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन लखनऊ के आह्वान पर आज विकासखंड लोनी के ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत क्षेत्रीय ग्राम सचिवों ने अपने लंबित मुद्दों और कार्य परिस्थितियों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस अवसर पर ग्राम सचिवों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री और प्रदेश के मुख्य सचिव के नाम संबोधित करते हुए खंड विकास अधिकारी लोनी बिन्नी यादव को सौंपा।
ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली और अतिरिक्त कार्यों का विरोध
धरने में शामिल ग्राम सचिवों ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था ग्रामीण परिस्थिति में व्यावहारिक नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क, उपकरणों और तकनीकी साधनों का अभाव है। ऐसे में यह व्यवस्था न केवल कार्यकुशलता में बाधा उत्पन्न कर रही है बल्कि कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव भी बना रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनसे मूल विभागीय दायित्वों के अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व कृषि , पशुपालन सहित कई अन्य विभागों के कार्य लिए जा रहे हैं, जबकि इसके लिए कोई संसाधन, प्रशिक्षण या अतिरिक्त मानदेय उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।
विरोध स्वरूप अधिकारियों के ग्रुप छोड़े
विरोध दर्ज कराने के क्रम में ग्राम सचिवों ने जिला स्तरीय अधिकारियों और खंड विकास कार्यालय के आधिकारिक संचार समूहों से खुद को लेफ्ट कर संगठनात्मक रूप में असहमति जताई।
नेतृत्व और उपस्थित
यह धरना एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मिश्रा एवं मंत्री सुधीर के नेतृत्व में आयोजित किया गया। धरने में अंकित सिंह
मृत्युंजय तिवारी, रचना, अनुपम
ने भाग लिया
ज्ञापन में शामिल प्रमुख मांगें —
ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली को तत्काल स्थगित किया जाए
बिना संसाधन उपलब्ध कराए अतिरिक्त विभागीय कार्य ना लिए जाएं
लंबित सेवा नियमावली, पदोन्नति और मानदेय बढ़ोतरी लागू की जाए
तकनीकी संसाधन, प्रशिक्षण और कार्यकुशल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
धरने में मौजूद पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार द्वारा जल्द कोई सकारात्मक निर्णय न लिया गया तो आंदोलन चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कार्य बहिष्कार जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और अंत में सभी उपस्थित कर्मचारियों ने एकजुटता बनाए रखते हुए अपनी मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।



