बागपत
जहां नफ़रत के बदले प्यार मिलता, ऐसा मुल्क सिर्फ़ हिंदुस्तान होता है
गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में डिवाइन ग्लोबल एकेडमी में राष्ट्र-रस से सराबोर हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बड़ौत। गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में डिवाइन ग्लोबल एकेडमी में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन “राष्ट्र-रस” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष मुख्य अतिथि चाइल्ड हेल्पलाइन प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर वंदना गुप्ता सहित उपस्थित कवियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कवि सम्मेलन का संचालन कवि हरित तोमर ने किया, जबकि अध्यक्षता मुख्य अतिथि वंदना गुप्ता ने की। सम्मेलन में देशभक्ति, मानवता, शौर्य और सामाजिक समरसता से ओतप्रोत रचनाओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कवि सुरेंद्र शर्मा उदय ने अपने काव्यपाठ में कहा“कोई राजा बनता है, कोई महाराज बनता, मगर आदमी का इंसान भी बनना बहुत ज़रूरी है।”
कवि देवेंद्र देव (मिर्ज़ापुर) ने बेटियों के सम्मान का संदेश देते हुए पंक्तियां पढ़ीं “भेद मत करो बेटों और बेटियों में कभी, बेटियों से सजे आंगन की फ़ुलवारी है।”
कवि सम्मेलन का संचालन करते हुए कवि हरित तोमर ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत पंक्तियां प्रस्तुत कीं “खाकर घास वतन की खातिर प्राणों की कुर्बानी दी,आजादी हेतु महाराणा ने अपनी भरी जवानी दी।”कवि स्वदेश यादव ने स्वतंत्रता संग्राम की कठिन राह को शब्दों में पिरोते हुए कहा “बिना शहादत के आज़ादी कभी नहीं आ सकती थी,
और चरखे से अंग्रेज़ों की फ़ौज नहीं जा सकती थी।”
कवि दिव्यहंस दीपक ने भारत की सांस्कृतिक आत्मा को रेखांकित करते हुए कहा “जहां नफ़रत के बदले प्यार मिलता,दुश्मनों को भी ज़मीं पर,सिर्फ़ ऐसा मुल्क हिंदुस्तान होता है।”कवि बाबूराम प्रधान ने भावनात्मक अभिव्यक्ति के साथ पाठ किया“एक बारगी उसे पुकार कर देखो, रूह से पर्दा उतार कर देखो।”कवि अजय तोमर ने वीरता और साहस पर केंद्रित पंक्तियां सुनाईं“हौसले और हिम्मत जिसमें है, जंग जीत लेते हैं,कभी कायर के कंधों पर समर में सर नहीं रहता।”कवि सुशील कुमार ने देशप्रेम को जीवन का आधार बताते हुए कहा“चांद-तारे तो हैं गगन के लिए,वैसे जिंदा हूं मैं इस वतन के लिए।”
कवि सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए मुख्य अतिथि वंदना गुप्ता ने कहा“जो संघर्षों की राह पर चलता है, वही जीवन को बदलता है।”उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्रधानाचार्य के. त्यागी ने सभी कवियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा उपस्थित विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।



