नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
ललितपुर। रेलवे विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। जालसाजों ने एक युवक को फर्जी आईडी कार्ड और नियुक्ति पत्र थमाकर 3 लाख रुपये हड़प लिए। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने दो महिलाओं समेत छह आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आजादपुरा निवासी मुन्नालाल परिहार (70) ने बताया कि उनका परिचय ग्राम निबाई निवासी संतोष रानी से था, जहां वह काली माता की चौकी पर जाते थे। वहीं उनकी मुलाकात भूरेलाल और उसके पुत्र प्रमोद से हुई। आरोपियों ने मुन्नालाल को झांसा दिया कि उनके रिश्तेदार गब्बर सिंह राय की रेलवे विभाग में बड़ी पकड़ है और वह उनके नाती आर्यन की नौकरी लगवा सकते हैं। पीडि़त के अनुसार, आरोपियों ने नौकरी के बदले 4.50 लाख रुपये की मांग की थी। मुन्नालाल ने आरोपियों के बताए अनुसार 1.45 लाख रुपये फोन-पे के माध्यम से वैभव कुमार के खाते में भेजे और 1.55 लाख रुपये नकद दिए। कुल 3 लाख रुपये लेने के बाद आरोपियों ने आर्यन के नाम का एक रेलवे आईडी कार्ड और कुछ दस्तावेज सौंप दिए। जब मुन्नालाल अपने नाती के साथ जॉइनिंग के लिए झांसी स्थित इलेक्ट्रिक ट्रिप शेड पहुंचे, तो वहां पता चला कि उन्हें दिए गए सभी दस्तावेज पूरी तरह फर्जी हैं। ठगी का एहसास होने पर जब उन्होंने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। आरोप है कि पैसे मांगने पर गब्बर सिंह ने फोन पर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मुन्नालाल की तहरीर पर संतोष रानी (निबाई), भूरेलाल, प्रमोद (गौना), गब्बर सिंह, वैभव कुमार (टीकमगढ़) और अनिकेत गिरी (ललितपुर) के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 352 और 351(3) के तहत केस दर्ज किया है।
