106संशोधन हुए, 75सालों में ठीक से नहीं लागू हो पाईं संविधान की व्यवस्थाएं
सामाजिक और आर्थिक गैर बराबरी बढ़ना बड़ा संकट

बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष मनाया गया संविधान दिवस
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी। बुधवार को वीरांगना झलकारी बाई चेतना समिति की ओर से बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष संविधान दिवस मनाया गया। बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
संविधान दिवस के मौके पर बामसेफ और बसपा समर्थकों ने बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्ज्वलित कर शत् शत् नमन किया। विचार गोष्ठी में पिछले 75वर्ष में भारतीय संविधान में हुए संशोधनों और वर्तमान स्थितियों पर चर्चा हुई और संविधान निर्माता बोधिसत्व बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की मंशा के अनुरूप सामाजिक व्यवस्था न होने और धन बल के सहारे चुनाव के परिणाम को प्रभावित कर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिशों पर गहरी चिंता जताई गई।
बामसेफ के जिला संयोजक संजीव भारती ने कहा कि संविधान सभा को भारतीय संविधान सौंपते हुए बाबा साहब डॉ अम्बेडकर ने सामाजिक और आर्थिक गैर बराबरी दूर करने के संदेश दिए थे। आजादी के बाद अब तक बनी अधिकांश केन्द्र और राज्य सरकारों ने संविधान के समतामूलक, मानवतावादी और कल्याणकारी उद्देश्यों पर ईमानदारी और निष्ठा से अमल नहीं किया। जुलाई 2025तक भारतीय संविधान में 106संशोधन हुए हैं,देश में जिन राजनीतिक दलों ने भारतीय संविधान को ठीक ढंग से लागू नहीं किया वे जनता को गुमराह करने के लिए भारतीय संविधान के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।
विचार गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए वीरांगना झलकारी बाई चेतना समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम चन्द्र सरस ने कहा कि बाबा साहब डॉ अम्बेडकर ने भारत को दुनिया का सबसे अच्छा संविधान दिया है। भारतीय संविधान बहुजन समाज के लिए सबसे बड़ा ग्रन्थ है । संविधान दिवस हमें संविधान की प्रस्तावना के अनुरूप धरातल पर काम का संदेश देता है।
कार्यक्रम का संचालन रामचंद्र बौद्ध ने किया।राम चन्द्र सरस, अध्यक्ष संजय कुमार, श्याम लाल, राजेश अकेला, राजेश कुमार कोरी, डॉ उदयराज,बच्चा राम वर्मा, अनिल कुमार,ऊषा देवी, श्याम कुमार, ललित कुमार, दिलीप कुमार,हरि भजन, फूलचंद, डॉ रमाकांत यादव, मंजीत कुमार,दीपक शाक्य,पवन कुमार आदि मौजूद रहे।

