ललितपुर

टीईटी के काले कानून के विरोध में शिक्षक, शिक्षिकाओं ने हाथों में थामी मशाल

अखिल भारतीय सयुंक्त शिक्षक महासंघ के आह्वान पर द्वितीय चरण के आंदोलन में सम्मिलित हुए हजारों शिक्षक- शिक्षिकाएं

अनुभवी शिक्षक का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान के शिक्षकों ने लगाये नारे
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
ललितपुर। अखिल भारतीय सयुंक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले राष्ट्रीय आह्वान पर द्वितीय चरण के विरोध प्रदर्शन में सैकडों की संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने शहर के नगर संसाधन केन्द्र पर एकत्रित होकर टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में हाथों में मशाल व तख्तियां लेकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए एक विशाल मशाल जुलूस निकालकर टीईटी के काले कानून का विरोध जताया। शिक्षक-शिक्षिकाएं टीईटी गो वैक, चोरी से किया गया संशोधन स्वीकार नहीं, टीईटी का काला कानून वापिस लो, अनुभवी शिक्षक का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान। शिक्षक का सम्मान नहीं, तो शिक्षा का उत्थान नहीं के जोशीले स्वर में नारे लगाते हुए निर्धारित मार्ग पर सुव्यवस्थित पंक्तिवद्ध चल रहे थे। शिक्षक- शिक्षिकाओं ने एकजुटता का परिचय देते हुए टीईटी का विरोध जताया। बताते चलें मशाल जुलूस के महाआंदोलन में हजारों की संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एकजुटता दिखाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान अखिल भारतीय सयुंक्त शिक्षक महासंघ जिला संयोजक एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (संबद्ध-अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ नई दिल्ली) जिलाध्यक्ष विनोद निरंजन ने कहा कि 01 सितंबर 2025 के सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार टीईटी अनिवार्यिता के खिलाफ इस काले कानून के विरोध में सैकडों की संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हाथों में मशाल और तख्तियां लेकर सडकों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। सुप्रीम कोर्ट,  केन्द्र व राज्य सरकार से इस आंदोलन के द्वारा मांग की गई कि आरटीई अधिनियम लागू होने से पूर्व सेवारत शिक्षक-शिक्षिकाओं को टीईटी अनिवार्यिता से दूर रखा जाए। इस दौरान जिलाध्यक्ष विनोद निरंजन, जिला कोषाध्यक्ष अनिल त्रिपाठी, अरूण निरंजन, विनय ताम्रकार, सत्येंद्र जैन, विनय रजक, अरविंद सिंह राजपूत, रामरक्षपाल सिंह, मो.मुनीर, आदर्श रावत, अनिल यादव, रामेंद्र यादव, लखनलाल आर्य, इंदर सिंह पटेल, हरिनारायण चौबे, श्याम बिहारी, संजीव सिद्धार्थ, मोहम्मद जाकिर, राजेश साध, हिमांशु मिश्र, जगदीश चौरसिया, रूपसिंह, नरेंद्र पटेल, परशुराम निरंजन, ब्रजेश चौरसिया, राममिलन रजक, रामरक्षपाल राजपूत, रामसेवक निरंजन, संतोष सिद्दीकी, डा. स्मिता जैन, बली हुसैन, विनय रजक, राजीव बजाज, प्रदुम्न जैन, धर्मेंद्र जैन, पुष्पेंद्र जैन, संतोष निरंजन, संजय कुशवाहा, संजीव टडैया, मनोज किलेदार, सचिन, अरविंद राजपूत, दयाशंकर रजक, दीप्ति रानी गुप्ता, नीलम ताम्रकार, अनामिका निरंजन, सुमनलता सेन, कविता साहू, संतोषी, मनीषा राजेंद्र राठौर, अभिषेक राजपूत, अविनेश कुमार, संजय कुशवाहा, दिवाकर शुक्ला, अरविंद सिंह, बाबूलाल वर्मा, ध्यानचंद, महेंद्र पंथ, मनीराम, गोरी शंकर सेन, गिरीश साहू, राजीव बजाज, हाकिम सिंह यादव, राघवेंद्र, बाबूसिंह राठोर, गणेश कुमार, स्वदेश भूषण, पंकज जैन, अंतिम जैन, संजय विजरोनिया, संतोषी, नविता शर्मा, रितिका मिश्रा, नीलम गुप्ता, बबीता बुंदेला, अरुणा पाठक, रितु कुशवाहा, विमलेश सोनी, चित्र तिवारी, रोशनी, प्रियंका, विनीता, रचना, बबीता, सोनाली, अनुराधा मोदी, स्वेता मलैया, रजनी, गायत्री, अमित बबेले, संदीप नामदेव, महेश निरंजन, रमाकांत, रामेश्वर, सुरेश रजक, राजेश अनुरागी, जयप्रकाश रजक, करन लाल, अशोक, भगीरथ, प्रदीप राठौर, सुरेश कुमार, कल्यान सिंह, जेपी गौतम, दिलीप सेन,  परिवेश मालवीय, टीकाराम अहिरवार, राजेश निरंजन, उदयभान सिंह, पुरुषोत्तम, राजकुमार झां, मो.असलम, इंद्रपाल निरंजन, रविंद्र निरंजन, बृजेश झां, पुष्पेंद्र पटेल, सूरज राजवंश, हिमांशु पटेल, मयंक, निशांत कुमार, चंद्रकुमार राजपूत, मुकेश कुशवाहा, महेंद्र, ललित, देवेंद्र कुशवाहा, सुरेश निरंजन, सुजान सिंह, राजेश अनुरागी, दीपेंद्र पुरिहित, अमन नामदेव, ब्रजेन्द्र सिंह, मथुरा दास, राघवेंद्रसिंह, रामनरेश जाट, अयूब खान, राजेश वर्मा के अलावा हजारों की संख्या में शिक्षक- शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
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