जालौन
यमुना बालू खनन पर हुई जनसुनवाई, पर्यावरणीय मानकों के पालन पर दिया जोर
15 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित खनन योजना पर अधिकारियों ने सुने सुझाव और आपत्तियां

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कालपी (जालौन)। यमुना नदी में प्रस्तावित बालू खनन परियोजना को लेकर मंगलवार को तहसील सभागार में पर्यावरणीय जनसुनवाई आयोजित की गई। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, झांसी तथा एनवायरमेंटल रिसर्च एंड एनालिसिस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जनसुनवाई की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य ने की। इस दौरान परियोजना से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी साझा की गई तथा उपस्थित लोगों के सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज की गईं।
उपजिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के साथ पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी खनन गतिविधि का संचालन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों और मानकों के अनुरूप ही किया जाए, जिससे पारिस्थितिकी संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। जनसुनवाई के दौरान परियोजना प्रस्तावक अमृत फॉस्फेट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से प्रतिनिधि त्रिलोक सिंह राठौड़ ने ग्राम हीरापुर स्थित गाटा संख्या 169ध्9, खंड संख्या-6 में प्रस्तावित बालू खनन परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव के अनुसार लगभग 15 हेक्टेयर क्षेत्रफल में छह माह की अवधि के दौरान 1.20 लाख घन मीटर बालू (मोरम) के खनन की योजना है। अधिकारियों ने बताया कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना के तहत पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान किए जाने से पूर्व जनसुनवाई की प्रक्रिया अनिवार्य है। जनसुनवाई में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, परियोजना प्रतिनिधि तथा क्षेत्र के नागरिक उपस्थित रहे।

