नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी बॉर्डर क्षेत्र की गुलाब वाटिका कॉलोनी में एक मकान की छत पर लगाए जा रहे मोबाइल टावर को लेकर स्थानीय निवासियों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। कॉलोनी वासियों का आरोप है कि भवन संख्या-301, गली नंबर-5, वार्ड-41 में बिना आवश्यक अनुमति और स्थानीय लोगों की सहमति के मोबाइल टावर लगाने का कार्य किया जा रहा है। मामले को लेकर क्षेत्रीय लोगों ने उपजिलाधिकारी लोनी से मोबाइल टावर लगाने के कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
स्थानीय निवासी अमर सिंह द्वारा एसीपी इंद्रापुरी को दिए गए शिकायत पत्र में कहा गया है कि टावर निर्माण कार्य नियमों के विरुद्ध किया जा रहा है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2022 में जिला प्रशासन के आदेश पर कालोनी में लगाएं जा रहे टावर के कार्य को रुकवाया गया था,
स्कूल के पास टावर लगाने पर अभिभावकों में चिंता
कॉलोनी वासियों का कहना है कि जिस भवन पर मोबाइल टावर लगाया जा रहा है, उसके पास ही एक स्कूल संचालित हो रहा है, जहां लगभग 500 बच्चे पढ़ते हैं। अभिभावकों ने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि लगातार रेडिएशन के संपर्क में रहने से बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
क्षेत्रीय लोगों के अनुसार मोबाइल टावर लगाने के लिए कई सरकारी नियमों का पालन जरूरी होता है। नियमों के तहत स्थानीय नगर निकाय से अनुमति, स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट तथा दूरसंचार विभाग के डब्ल्यूपीसी विंग से एनओसी लेना अनिवार्य है। कई राज्यों में स्कूल, अस्पताल और कॉलेज से कम से कम 100 मीटर की दूरी का नियम लागू है, जबकि घनी आबादी से भी पर्याप्त दूरी बनाए रखना आवश्यक माना जाता है।
सभासद अंकुश जैन मिकू ने उठाई रोक लगाने की मांग
नगर पालिका परिषद के वार्ड-41 के सभासद अंकुश जैन ‘मिकू’ ने भी कॉलोनी वासियों के विरोध का समर्थन करते हुए प्रशासन से इस टावर पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि टावर लगाने में नियमों की अनदेखी हुई है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
सभासद ने कहा कि रिहायशी इलाके और स्कूल के समीप मोबाइल टावर लगाने से कालोनी के नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक दस्तावेजों और अनुमतियों की पुष्टि कराने की मांग की।
स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर बढ़ी कालोनी वासियों की चिंता
मोबाइल टावरों को लेकर समय-समय पर स्वास्थ्य संबंधी बहस होती रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लगातार रेडियो फ्रीक्वेंसी रेडिएशन के बीच रहने से सिरदर्द, अनिद्रा, तनाव और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की आशंका बनी रहती है। बच्चों और बुजुर्गों पर इसके प्रभाव को लेकर लोग अधिक चिंतित हैं।
इसके अलावा लोगों ने भवन की संरचनात्मक सुरक्षा पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि किसी कमजोर इमारत पर भारी टावर लगाया जाता है तो दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है।
बिना अनुमति टावर लगाने पर हो सकती है कार्रवाई
नियमों के अनुसार बिना अनुमति मोबाइल टावर लगाने पर संबंधित एजेंसी या भवन स्वामी के खिलाफ जुर्माना और टावर हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी दस्तावेजों और एनओसी की जांच कर नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाए, ताकि कॉलोनी के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।


