जालौन

मनरेगा कार्यों में अनियमितता पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

तत्कालीन बिलौड़ प्रधान और सचिव से 2.30 लाख की वसूली के आदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
रामपुरा (जालौन)। विकास खंड रामपुरा की ग्राम पंचायत बिलौड़ में मनरेगा योजना के तहत कराए गए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला मजिस्ट्रेट जालौन द्वारा जारी आदेश में तत्कालीन ग्राम प्रधान और तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव को सरकारी धन के दुरुपयोग का जिम्मेदार मानते हुए कुल 2,30,613 रु की वसूली के आदेश दिए गए हैं। इस कार्रवाई से पंचायतों में कराए जाने वाले विकास कार्यों की निगरानी और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर प्रशासन की सख्ती स्पष्ट हो गई है। उक्त कार्यो की शिकायत बिल्हौड़ निवासी रमेश सिंह ने जिलाधिकारी से की थी।
जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार 12 जनवरी 2022 को जारी प्रशासनिक स्वीकृति के आधार पर ग्राम पंचायत बिलौड़ में वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत सात विकास कार्य कराए गए थे। बाद में इन कार्यों की जांच के दौरान निर्माण कार्यों के माप, स्थल और भुगतान से संबंधित अभिलेखों का परीक्षण किया गया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि तीन कच्चे निर्माण कार्यों में वास्तविक कार्य की तुलना में अधिक माप दर्ज कर भुगतान किया गया। इससे शासन को 2,30,613 रुपए की वित्तीय क्षति हुई। मामले को गंभीर मानते हुए तत्कालीन ग्राम प्रधान भोंदल सिंह एवं तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव मुकेश कुमार सविता को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। दोनों अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण का परीक्षण करने के बाद जिला प्रशासन ने उन्हें संतोषजनक नहीं माना। आदेश में कहा गया है कि प्रस्तुत जवाब तथ्यों और उपलब्ध अभिलेखों के अनुरूप नहीं पाए गए, जिसके चलते दोनों को समान रूप से उत्तरदायी ठहराया गया। जिला मजिस्ट्रेट ने उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 की धारा 27(2) तथा संबंधित वित्तीय नियमों के तहत सरकारी धन की वसूली का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार तत्कालीन ग्राम प्रधान भोंदल सिंह से 1,15,306.50 तथा तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव मुकेश कुमार सविता से 1,15,306.50 की वसूली की जाएगी। दोनों से कुल 2,30,613 रु की राशि वसूल की जाएगी। आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित व्यक्ति एक सप्ताह के भीतर निर्धारित सरकारी खाते में राशि जमा करें। यदि तय समय सीमा के भीतर धनराशि जमा नहीं की जाती है, तो उनके विरुद्ध भू-राजस्व की भांति वसूली की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर वेतन अथवा अन्य देयकों से भी राशि की वसूली सुनिश्चित की जाएगी। इस आदेश की प्रतिलिपि मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी रामपुरा, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) सहित संबंधित अधिकारियों व शिकायतकर्ता रमेश सिंह को भेज दी गई है, ताकि आदेश का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित कराया जा सके। इस कार्रवाई को पंचायतों में वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे अन्य ग्राम पंचायतों में भी विकास कार्यों के क्रियान्वयन और सरकारी धन के उपयोग में जवाबदेही बढ़ेगी तथा अनियमितता बरतने वालों पर सख्त संदेश जाएगा।
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