नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
उरई (जालौन)। कुठौंद कस्बे के बांके बिहारी हॉस्पिटल में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सीज कर दिया है। घटना के बाद क्षेत्र में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
थाना कुठौंद में ग्राम नौरेजपुर निवासी जितेन्द्र पुत्र सुरेश ने तहरीर देकर बताया कि वह 13 जून को अपनी पत्नी रश्मी (25) को प्रसव के लिए बांके बिहारी हॉस्पिटल लेकर गया था। अस्पताल में सामान्य डिलीवरी कराई गई, लेकिन कुछ समय बाद चिकित्सकों ने जच्चा और नवजात की हालत गंभीर बताते हुए उन्हें औरैया रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार औरैया पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अस्पताल से जुड़े दो डॉक्टरों और दो नर्सों सहित चार लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया और आवश्यक जांच के बाद बांके बिहारी हॉस्पिटल को सीज कर दिया। वहीं मृतका और नवजात के शवों का पंचायतनामा एवं पोस्टमार्टम औरैया में कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्राधिकारी जालौन ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में अवैध एवं मानकों के विपरीत संचालित अस्पतालों पर भी प्रशासन की नजरें टिकी हुई हैं।

