
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
लखनऊ। देश में तेजी से घटते भूजल स्तर और बढ़ते जल संकट को लेकर शिवसेना उत्तर प्रदेश (एनडीए) के राज्य सचिव सौभाग्य वर्धन ने केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल को पत्र भेजकर जल संरक्षण एवं जल प्रबंधन के क्षेत्र में प्रभावी और दीर्घकालिक नीतियां लागू करने की मांग की है।
सौभाग्य वर्धन ने कहा कि भारत विश्व की बड़ी आबादी का भार वहन करता है, जबकि देश के पास उपलब्ध मीठे जल संसाधन सीमित हैं। बढ़ती जनसंख्या, अनियोजित शहरीकरण, औद्योगिक विस्तार और जलवायु परिवर्तन के कारण देश के कई राज्यों में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, जो आने वाले समय में गंभीर संकट का कारण बन सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते व्यापक और वैज्ञानिक उपाय नहीं किए गए तो पेयजल आपूर्ति, कृषि उत्पादन, उद्योगों की जरूरतों और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए जल संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में लिया जाना आवश्यक है।
अपने पत्र में उन्होंने राष्ट्रीय भूजल पुनर्भरण अभियान शुरू करने, वर्षा जल संचयन को अनिवार्य बनाने, तालाबों एवं पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा देने, अपशिष्ट जल के पुनर्चक्रण, भूजल दोहन की डिजिटल निगरानी तथा जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने जैसे सुझाव दिए हैं।
सौभाग्य वर्धन ने कहा कि भारत ने स्वच्छता अभियान, डिजिटल भुगतान और आधारभूत ढांचे के विकास में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उसी प्रकार जल संरक्षण और जल प्रबंधन के क्षेत्र में भी देश वैश्विक स्तर पर उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है। इसके लिए दूरदर्शी सोच और प्रभावी नीतियों की आवश्यकता है।
उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से आग्रह किया कि देश की दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए तथा जनभागीदारी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के माध्यम से जल संकट का स्थायी समाधान खोजा जाए।



