युवती द्वारा पानी की बोतल में तेजाब पीने के मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने की कार्यवाही…
संबंधित परचून की दुकान से ब्रांडेड पानी की बोतल का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा...

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने दुकानदार सहित सर्राफ के खिलाफ किया मुकदमा दर्ज….
हापुड़ (यूपी) – पानी की बोतल में तेजाब मिलने के सनसनीखेज मामले में अब फ़ूड सेफ्टी विभाग भी जांच में जुट गया है। विभाग की टीम ने संबंधित परचून की दुकान से ब्रांडेड पानी की बोतल का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि आखिर ब्रांडेड बोतल में तेजाब कैसे पहुंचा। हालांकि घटना के तीन दिन बाद पीड़ित की तहरीर पर सर्राफ और दुकानदार के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है ।
गौरतलब है कि दो दिन पहले शहर की एक ज्वैलर्स की दुकान पर एक युवती ने पानी पीने के लिए बोतल मांगी थी। पानी समझकर जैसे ही उसने बोतल से घूंट लिया, उसमें तेजाब होने के कारण उल्टियां करते हुए उसकी हालत बिगड़ गई । घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी।
खाद्य विभाग के सहायक आयुक्त चंद्र शेखर मिश्रा ने बताया कि , बिसलेरी ब्रांड की पानी की बोतल में संदिग्ध वस्तु के मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित ब्रांड की पानी की बोतल का सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि बोतल में पानी या कोई एसिड था ।
जबकि वहीं पुलिस और खाद्य विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि बोतल में तेजाब कैसे पहुंचा। फिलहाल युवती का मेरठ के अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस पूरे मामले के पीछे आखिर वजह क्या थी।
हापुड के अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर ने बताया कि, एक प्रकरण संज्ञान में आया है कि एक सुनार की दुकान पर एक बालिका कुछ सामान लेने के लिए गई थी तो उसने दुकानदार से पीने के लिए पानी मांगा ।दुकानदार ने एक लड़के को बुलाकर पड़ोस की दुकान से पानी की एक बोतल मंगाई थी जिसे बालिका ने एक घूंट ही पिया था और उसने उल्टी कर दी थी । बालिका का कहना है कि पानी अम्लीय या क्षारीय था लेकिन पानी नहीं था । इसके बाद बालिका को अस्पताल ले जाया गया जहां उसका इलाज चल रहा है । अब वह खतरे से बाहर है । पुलिस ने इन बोतल को अपने कब्जे में लेकर खाद्य विभाग और ड्रग विभाग से संपर्क किया है, जिससे सैंपल की जांच की जा सके और पता चले कि बोतल में क्या था । परिजन की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है । और इसके स्रोत का पता करते हुए वैधानिक कार्यवाही की जाएगी ।




