बेतुल

बैतूल 32 लाख लेने के बाद पलटा 50 लाख की जमीन का सौदा, अब एफआईआर की मांग

ब्याना, इकरारनामा और बाउंस चेक के बाद दूसरी पार्टी को बेच दी जमीन

सुनियोजित धोखाधड़ी करने वाले लीलाराम के खिलाफ एफआईआर की मांग
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
बैतूल। आठनेर रोड बडोरा निवासी फ़रियादी बालमुकुंद भुसारे ने एसपी से शिकायत कर जमीन के सौदे में धोखाधड़ी, छलपूर्वक तथ्य छिपाकर आर्थिक हानि पहुंचाने और आपराधिक कृत्य करने का आरोप लगाया है। शिकायत में पूरे मामले की जांच कर एफआईआर दर्ज करने और वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत के अनुसार 16 मई 2022 को मौजा भरकावाड़ी स्थित खसरा नंबर 43/3 रकबा 2.428 हेक्टेयर भूमि में से 0.506 हेक्टेयर (1 एकड़ 25 डिसमिल) भूमि का सौदा 50 लाख रुपए में हुआ। 10 लाख रुपए ब्याने में दिए गए और शेष राशि रजिस्ट्री पर देना तय हुआ। इसके बाद अनावेदक लीलाराम सरले ने पारिवारिक परेशानियों का हवाला देकर समय-समय पर अतिरिक्त रकम ली। जून 2022 से 16 मई 2023 तक नगद और बैंक खातों के माध्यम से कुल 29 लाख रुपए दिए गए, जिनका उल्लेख ब्याना चिट्ठी पर हस्तलिखित रूप से गवाहों की मौजूदगी में दर्ज किया गया।
इसके बाद 12 सितंबर 2023 को उसी भूमि में से 25 डिसमिल के लिए 11 लाख रुपए का अलग ब्याना हुआ, जिसमें 3 लाख रुपए नगद दिए गए। शिकायतकर्ता के अनुसार लीलाराम एवं उसकी पत्नी द्वारा शुरु से छल एवं धोखाधड़ी की साजिश की गई। 31 दिसंबर 2023, 28 फरवरी 2024, 31 जुलाई 2024 और बाद में 28 अप्रैल 2025 तक नामांतरण का बहाना बनाकर रजिस्ट्री लगातार टाली जाती रही। इस दौरान अलग-अलग ब्याना चिट्ठियों में हस्तलिखित रूप से तारीखें बढ़ाई जाती रहीं।
आवेदन में कहा गया है कि 1 मई 2025 को लीलाराम ने अपने घर बुलाकर सामाजिक लोगों की मौजूदगी में जमीन देने से इनकार कर दिया और सौदा निरस्त करने की बात कही। बाद में 2 मई 2025 को दोनों पक्षों के बीच इकरारनामा हुआ, जिसमें 10 लाख रुपए नगद लौटाए गए तथा शेष 54 लाख रुपए बंधन बैंक बैतूल के तीन चेकों के माध्यम से लौटाने का लिखित वादा किया गया। आरोप है कि 22 लाख रुपए का पहला चेक निर्धारित अनुसार दिया ही नहीं गया, जबकि 22-22 लाख और 10 लाख रुपए के दिए गए चेक अनादरित (बाउंस) हो गए।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इकरारनामा करने के बाद भी लीलाराम ने पहले संबंधित भूमि उनकी पत्नी के नाम दर्ज कराई और फिर उसी भूमि के हिस्से 29 सितंबर 2025 को अशोक वर्मा तथा 6 फरवरी 2026 को जयश्री राय को विक्रय कर दिए। इससे स्पष्ट है कि शुरुआत से ही धोखाधड़ी की नीयत से पूरी साजिश रची गई।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि लीलाराम के खिलाफ प्रमोद कापसे, कमलेश रावते, प्रदीप कुंभारे, रतन गुगनानी सहित अन्य लोगों ने भी शिकायतें की हैं तथा उन पर अवैध कॉलोनाइजर के रूप में प्लॉट बेचने के आरोप भी हैं। बालमुकुंद भुसारे ने पुलिस को ब्याना चिट्ठियां, इकरारनामा, दानपत्र, दोनों बिक्री रजिस्ट्रियां, चेकों की प्रतियां, रिटर्न मेमो तथा पूर्व में थाना बैतूल बाजार में दिए गए आवेदन सहित दस्तावेज सौंपकर विस्तृत जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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