राजनीतिराष्ट्रीयलखनऊ

पांच जनवरी को तय होगी देश की नई आबादी

UP में एक दिसंबर से जुटाई जाएगी जानकारी

लखनऊ : देश में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। अगले वर्ष पांच जनवरी को संदर्भ तिथि मानकर देश की नई आबादी का आंकड़ा तैयार किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में एक दिसंबर से चार जनवरी तक घर-घर जाकर परिवारों की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद पांच जनवरी को जनसंख्या की स्थिति दर्ज होगी। जनगणना निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति से करीब 40 सवाल पूछे जाएंगे।
इनमें परिवार, मकान और व्यक्ति से जुड़ी सामान्य जानकारी के साथ आधार नंबर, बैंक खाते की संख्या, मोबाइल नंबर, वोटर आइडी, भारतीय पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी जानकारी भी शामिल है। हालांकि, किसी से कोई कागज या दस्तावेज की प्रति नहीं मांगी जाएगी।
देश की 16वीं जनगणना-2027 में आजादी के बाद पहली बार जातीय विवरण भी शामिल किया जा रहा है। 5.62 लाख से अधिक कार्मिक जनगणना में लगेंगे। जिलाधिकारी, जिले के प्रधान जनगणना अधिकारी जबकि मुख्य विकास अधिकारी को पहली बार अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
नगर आयुक्त भी जनगणना की व्यवस्था में अहम भूमिका निभाएंगे
नगर निगमों में आयुक्त भी जनगणना की व्यवस्था में अहम भूमिका निभाएंगे। रक्षा क्षेत्रों में में सेना के ही कार्मिकों को प्रशिक्षित कर जनगणना का काम कराया जाएगा लेकिन उसकी आबादी को अलग से दर्ज नहीं किया जाएगा। पहले चरण में ड्यूटी कर चुके निजी स्कूलों के शिक्षक दूसरे चरण में भी लगाए जाएंगे।
पिछले वर्ष 31 जनवरी से जनगणना की फ्रीज प्रशासनिक सीमाओं में कोई बदलाव तो नहीं किया जा सकता, लेकिन नाम बदलने की अनुमति होगी। जनगणना से जुड़े किसी प्रश्न आदि के लिए 1855 हेल्पलाइन से संपर्क किया जा सकता है। प्रदेश में करीब 7290 गैर-आबाद क्षेत्र भी जनगणना के दायरे में होंगे। निदेशक ने बताया कि जनगणना में किसी भी तरह के कागजात जमा कराने की जरूरत नहीं होगी।
विदेश में रहने वाले भारतीयों की गणना तय नियमों के तहत
जनगणना निदेशक शीतल वर्मा ने स्पष्ट किया कि एक घर में दो रसोई होने पर उसे दो हाउसहोल्ड नहीं माना जाएगा। परिवार और रहने की स्थिति को देखा जाएगा। बेघर लोगों की गिनती के लिए चार जनवरी की रात खास तौर पर अभियान चलेगा। उस रात जो खुले में सोते मिलेंगे, उनकी गणना बेघर के रूप में की जाएगी।
फ्लाईओवर के नीचे, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और ऐसे ही दूसरे स्थानों पर रहने वालों को इसमें शामिल किया जाएगा। विदेश में रहने वाले भारतीयों की गणना तय नियमों के तहत होगी। लंबे समय से यहां न रहने वालों को नहीं गिना जाएगा।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button