
आईटीआई कॉलेज के पीछे बिना मानचित्र स्वीकृत कराए विकसित की जा रही थी प्लाटिंग
नियत प्राधिकारी ने जारी किया नोटिस, कार्रवाई से अवैध प्लाटिंग करने वालों में हड़कंप
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। शहर में अवैध प्लाटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के कॉलोनियां विकसित करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सिद्धन रोड स्थित आईटीआई कॉलेज के पीछे बिना वैधानिक विन्यास मानचित्र स्वीकृत कराए की जा रही प्लाटिंग के मामले में नियत प्राधिकारी, विनियमित क्षेत्र ने ध्वस्तीकरण का एकपक्षीय आदेश पारित किया है। इस मामले में संबंधित पक्षों को नोटिस भी जारी किया गया है। प्रशासन की कार्रवाई से अवैध प्लाटिंग करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। कार्यालय नियत प्राधिकारी, विनियमित क्षेत्र ललितपुर की ओर से जारी नोटिस संख्या 22/26-17, आरबीओ एक्ट-1958 की धारा-10 के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है। मामला सरकार बनाम नरेंद्र कंडकी पुत्र शीलचंद्र जैन व अन्य से संबंधित है। प्रकरण में शांति बाई, धन्नालाल जैन, आलोक कुमार चौबे, अनुराग चौबे, आशुतोष चौबे पुत्रगण श्याम मुरारी उर्फ श्याम बिहारी चौबे, बृजेंद्र सिंह, लखनलाल सविता, शिवप्रसाद सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। संबंधित भूमि पर बिना सक्षम प्राधिकारी से विन्यास मानचित्र (लेआउट मैप) स्वीकृत कराए प्लाटिंग किए जाने का मामला सामने आया था। नियत प्राधिकारी कार्यालय में मामले की सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों से वैध शमन मानचित्र अथवा अपना पक्ष स्पष्ट करने वाले आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रतिवादियों की ओर से न तो कोई वैध शमन मानचित्र प्रस्तुत किया गया और न ही वे निर्धारित तिथियों पर सुनवाई के लिए उपस्थित हुए। इसके बाद नियत प्राधिकारी ने प्रकरण में नियमानुसार अवसर प्रदान किए जाने के उपरांत एकपक्षीय ध्वस्तीकरण आदेश पारित कर दिया। आदेश के अनुपालन में निर्माण अथवा प्लाटिंग को गिराए जाने के संबंध में नोटिस प्रपत्र-ग जारी किया गया है। संबंधित वाद की कार्रवाई पूरी होने के बाद पत्रावली दाखिल दफ्तर किए जाने का उल्लेख भी आदेश में किया गया है। सिद्धन रोड स्थित आईटीआई कॉलेज के पीछे संबंधित स्थल पर प्रशासनिक अमले की मौजूदगी रही। मौके पर तहसीलदार तनवीर हसन, अवर अभियंता विनियमित क्षेत्र अमरकांत गौर, लेखपाल अंकित रावत और ओमप्रकाश सिंह सहित पुलिस बल मौजूद रहा। कार्रवाई के दौरान अवैध प्लाटिंग से संबंधित मामले में प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। प्रशासन की इस कार्रवाई को विनियमित क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र के भूखंड विकसित करने वालों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। नियमानुसार, विनियमित क्षेत्र में प्लाटिंग अथवा कॉलोनी विकसित करने से पहले संबंधित सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त करना जरूरी है। बिना अनुमति भूखंड काटकर बेचने या निर्माण कार्य कराने से खरीदारों को भी कानूनी और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, सिद्धन रोड के इस प्रकरण में ध्वस्तीकरण का आदेश और नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। आदेश जारी होने और मौके पर प्रशासनिक कार्रवाई किए जाने के बीच अंतर को ध्यान में रखते हुए, वास्तविक ध्वस्तीकरण की स्थिति की पुष्टि अलग से किया जाना उचित होगा। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के मामलों पर निगरानी और सख्ती बढऩे की उम्मीद है।



