
मुंबई। एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने शरद पवार से मुलाकात के बाद कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद उनके पारिवारिक रिश्तों में कभी कड़वाहट नहीं आई। वहीं, एनसीपी नेताओं की अमित शाह से मुलाकात और पार्टी में संभावित बदलावों की अटकलें तेज हो गई है।वरिष्ठ एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार के साथ उनके संबंध सौहार्दपूर्ण और पारिवारिक बने हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके बीच कभी कोई कड़वाहट नहीं रही।
पवार ने क्या कहा?
गुरुवार रात मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में शरद पवार से मुलाकात करने वाले पटेल ने बताया कि वे इस वरिष्ठ नेता का हाल-चाल जानने गए थे। उन्होंने बताया कि पवार की तबीयत एकदम ठीक है। पटेल ने कहा, ‘राजनीतिक मतभेद जरूर रहे हैं, लेकिन कभी कोई कड़वाहट नहीं आई। मैं समय-समय पर पवार साहब से मिलता रहा हूं। हमारे पारिवारिक संबंध हैं, जो आगे भी बने रहेंगे।’
उन्होंने बताया कि दोनों के बीच मौजूदा राजनीतिक हालात पर भी चर्चा हुई। पटेल ने कहा कि शरद पवार अच्छे मूड में थे और अपने चिर-परिचित अंदाज में मुस्कुरा रहे थे। 85 वर्षीय एनसीपी (एसपी) प्रमुख को बुधवार को दक्षिण मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इससे पहले वे पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती थे, जहां सोमवार से उनका इलाज चल रहा था। इस बीच शरद पवार की बेटी को केंद्रीय मंत्री बनने की अटकलें तेज हो गई है।
इसके साथ शिवसेना नेता संजय राउत ने भी शरद पवार से मुलाकात की। उन्होंने एक्स पर लिखा ‘मैंने ब्रीच कैंडी अस्पताल में आदरणीय शरद पवार से मुलाकात की। उनकी हालत स्थिर है और उसमें सुधार हो रहा है, मैंने उन्हें हाल ही में प्रकाशित किताब “बोध कीर्तन” भेंट की। पवार साहब भाषा के उस्ताद हैं!
पार्टी का विभाजन कब हुआ?
शरद पवार द्वारा स्थापित एनसीपी में 2023 में विभाजन हो गया था, जब प्रफुल्ल पटेल सहित पार्टी के कुछ नेताओं ने महाराष्ट्र में सत्ताधारी ‘महायुति’ गठबंधन का दामन थाम लिया। इसके बाद, अजित पवार गुट को पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न मिल गया, जबकि शरद पवार का गुट एनसीपी (एसपी) बन गया।
प्रफुल्ल पटेल की शरद पवार से यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात में पार्टी प्रमुख सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ तथा जय शामिल नहीं थे। शाह के साथ यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब ऐसी खबरें आ रही हैं कि एनसीपी नेतृत्व पार्टी में पार्थ पवार के बढ़ते प्रभाव से खुश नहीं है।
दोनों गुटों का होगा विलय?
एनसीपी और एनसीपी (एसपी) दोनों ने ही दोनों गुटों के विलय की संभावना को खारिज कर दिया है। शरद पवार ने हाल ही में कहा था कि उनकी पार्टी किसी अन्य दल में विलय नहीं करेगी, लेकिन जो लोग इसमें शामिल होना चाहते हैं, उनका स्वागत है।



